Sunday, August 18

बंदा वीर बहादुर की 303वें शाहदत दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन

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राहुल शर्मा

लोनी। भारतीय जनता पार्टी की लोनी नगरपालिका अध्यक्ष रंजीता धामा व पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष मनोज धामा ने वीर बैरागी सेना उत्तर प्रदेश के द्वारा संत शिरोमणि बंदा वीर बहादुर बाबा बैरागी जी के 303वें शहादत दिवस पर आयोजित कार्यक्रम मे अतिथि के रूप मे भाग लिया । इस अवसर पर वीर बैरागी सेना के पदाधिकारीयों द्वारा नगरपालिका अध्यक्ष रंजीता धामा व मनोज धामा का फूल-माला व पटका व पगड़ी पहनाकर व बंदा वीर बहादुर बाबा बैरागी जी का चित्र व तलवार देकर सम्मानित किया। वीर बैरागी सेना के प्रदेश अध्यक्ष राजन स्वामी के द्वारा माननीय मनोज धामा जी को संस्था का संरक्षक मनोनीत किया गया । इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष रंजीता धामा व पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष मनोज धामा ने संत शिरोमणि बंदा वीर बहादुर बाबा बैरागी जी व पूजनीय परशुराम जी के चित्र पर पुष्प चढ़ाकर उनको नमन किया।

आज हम सभी को अपने महापुरुषों से प्रेरणा लेनी चाहिए कि किस प्रकार से हम लोगों को किसी भी विकट परिस्थितियों मे हार नही माननी चाहिए बल्कि उनका डटकर सामना करना चाहिए। मनोज धामा जी ने संस्था के पदाधिकारीयों का धन्यवाद देते हुये कहा कि संस्था के द्वारा जो जिम्मेदारी उनको सौपी गयी है उसका वह शुद्ध अंतःकरण से निर्वाहन करेंगे तथा सभी के साथ सुख-दुख मे साथ खड़े रहेंगे।

इस अवसर पर लोनी नगरपालिका अध्यक्ष रंजीता धामा जी ने इतना सम्मान देने के लिये संस्था के सभी पदाधिकारीयों का धन्यवाद देते हुये कहा कि संत शिरोमणि बंदा वीर बहादुर बैरागी जी को शिकार का शौक था एक बार शिकार करते हुये उनके तीर एक गर्भवती हिरणी को जा लगा जिससे कि उसके साथ उसके शिशु की भी मृत्यु हो गयी ये देखकर वो बहुत दुखी हुये तथा साधु का जीवन अपना लिया तथा योग साधना सीखने चले गये। इस बीच गुरू गोविन्द सिंह जी की कुटिया मे आये तथा उनको वैरागी जीवन छोड़कर देश मे व्याप्त मुगलों के आतंक से देश को बचाने को कहा । गुरु गोविंद सिंह जी के आदेश पर सेना लेकर पंजाब की तरफ चल दिये तथा श्री गुरु तेगबहादुर जी के शीश को काटने वाले जल्लाद जलालुद्दीन का सिर काट दिया व सरहिन्द के नवाब वजीरखान को भी मार गिराया।


उनके पराक्रम से डरे हुये मुगलों ने दस लाख की सेना लेकर उन पर हमला किया और कुछ लोगों के विश्नासघात की वजह से उनको उनके 740 वीर यौद्धाओं के साथ बंदी बना लिया गया जब उनको बंधक बनाकर दिल्ली लाया गया तो काजियों ने उनको मुस्लिम धर्म अपनाने को कहा तो बंदा वीर बाबा बहादुर जी ने कहा कि मैं तो परमपिता के हाथ का शस्त्र हूं तुम लोगों के संहार के लिये आया हूं।

रंजीता धामा जी ने कहा कि हमारा इतिहास वीर बहादुर योद्धाओं की गाथाओं से भरा हुआ है बस आज जरूरत है कि युवा पीढ़ी उन योद्धाओं के वीर गाथाओं को पढ़े और उनके जीवन से सीख ले। उपस्थित लोगों ने संत शिरोमणि बंदा वीर बहादुर बाबा बैरागी जी को याद करते हुये उनकी जय जयकार करते हुये नारे लगाये।

इस अवसर पर वीर बैरागी सेना ने लोनी तिराहे का नाम संत शिरोमणि बंदा वीर बहादुर बाबा बैरागी जी के नाम पर करने व उनकी प्रतिमा बनवाने के लिये रंजीता धामा जी को पत्र भी दिया जिसपर रंजीता धामा जी ने आगामी बोर्ड बैठक मे इस विषय पर चर्चा करने व हरसंभव प्रयास करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर सुभास शर्मा, उमाशंकर शर्मा, अजय स्वामी, राजेन्द्र स्वामी, अमित स्वामी, उमेश कश्यप, गजराज कश्यप सहित सैकड़ों की संख्या मे महिलाये व पुरूष उपस्थित रहे।

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