Friday, October 18

रेलवे में पीपीपी माॅडल के आधार पर अब होगा विकास- निर्मला सीतारमण

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सुनील शर्मा।

रेल बजट 2019:  रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण के लिए होगी कार्यक्रम की शुरुआत
नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में सत्र 2019-20 के लिए बजट पेश करते हुए रेलवे सेक्टर पीपीपी मॉडल के आधार पर विकास की घोषणा की। वित्त मंत्री ने रेलवे इंफ्रास्टक्चर में सुधार की बात करते हुए कहा, रेलवे के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए साल 2018 से 2030 के बीच 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश की आवश्यकता होगी। उन्होंने बजट भाषण के दौरान कहा, अनुमान है कि 2018 से 2030 के बीच रेल अवसंरचना के लिए 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश की आवश्यक्ता होगी। इसे देखते हुए रेलवे का पूंजी परिव्यय प्रति वर्ष 1.5 से 1.6 लाख करोड़ रुपये है।

सभी मंजूर परियोजनाएं पूरी करने में कई दशक लग जाएंगे। अतरू यह प्रस्ताव किया जाता है कि तीव्र विकास और पटरियां बिछाने. रेलिंग स्टाक विनिर्माण तथा यात्री मालभाड़ा सेवाओं की सुपुर्दगी के लिए सरकारी निजी भागीदारी(पीपीपी) का इस्तेमाल किया जाएगा।
सब अरबन रेलवे में बड़ा निवेश किया जाएगा। मुंबई और दिल्ली जैसे महानगरों में सब अर्बन रेलवे बेहद सफल रहा है। रेल मंत्रालय सब अर्बन रेलवे का विस्तार स्पेशल परपज व्हीकल(एसपीव्ही) के जरिए किया जाएगा। इसके लिए भी पीपीपी मॉडल के जरिए निवेश किया जाएगा। उन्होंने कहा,भारतीय रेलवे की उपशहरी तथा लंबी दूरी वाली सेवाएं मुंबई जैसे शहर तथा छोटे शहरों में चमत्कारी कार्य कर रही हैं। रेलवे को दिल्ली मेरठ मार्ग पर प्रस्तावित रैपिड रीजनल ट्रांसपोर्ट सिस्टम(आरआरटीएस) जैसी विशेष प्रयोजन साधन(एसपीवी) संस्थाओं के जरिए उपशहरी रेलने में अधिक निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। ट्रांजिट हब के इर्द गिर्द वाणिज्यिक गतिविधि सुनिश्चित करने के लिए ट्रांजिट उन्मुखी विकास(टीओडी) का समर्थन करते हुए मैं अधिक पीपीपी पहलों को बढ़ावा देकर तथा स्वीकृत कार्य के समापन को सुनिश्चित करके मेट्रो रेलवे पहलों को बढ़ावा का प्रस्ताव करती हूं।

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