Sunday, June 16

हिंडन नदी की दुर्दशा पर पहले चिंतन फिर कायाकल्प करने का लिया संकल्प

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राहुल शर्मा

गाजियाबाद। ऐतिहासिक हरनंदी-हिंडन नदी को निर्मल बनाने के लिए कवायद शुरू हो गयी है। सिटी फाॅरेस्ट हिन्डन नदी किनारे स्थित निजानंद आश्रम में देशभर से जुटे पर्यावरण व जल विशषज्ञों ने रविवार को आयोजित कार्यशाला में पहले हिंडन नदी हरनंदी की दुर्दशा पर मैराथन चिंतन किया उसके बाद भाग्योदय फाउंडेशन के साथ मिलकर उसकी कायाकल्प करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर विशषज्ञों ने यह भी कहा कि गांव बचेंगे तभी देश बचेगा गांव मिटेंगे तो देश मिटेगा गांव बने तो देश का नवनिर्माण होगा। कार्यशाला में तीसरी सरकार अभियान के संस्थापक डॉक्टर चंद्रशेखर प्राण ने कहा कि देश गांव की समृद्धि के बल पर सोने की चिड़िया रहा है।

गावों के बल पर एक हजार साल पहले दुनिया की संपदा का 35 प्रतिशत भाग हमारे पास होता था। गांव की कमजोरी ज्यों-ज्यों बढ़ी त्यों-त्यों यह प्रतिशत घटता गया और आज यह बेहद कम हो गया है। इसका परिणाम हुआ कि गांव खेती, नदियां, तालाब की हालत खराब हुई। उन्होंने कहा कि आज हिंडन सहित सभी नदियों की दुर्गति का मूल कारण यही है। डॉक्टर चंद्रशेखर प्राण ने कहा कि आजादी के समय गांव की सरकार स्थापित करने की योजना थी लेकिन कालांतर में ग्रामसभाओं की स्वयं निर्णय लेने की स्थिति खराब होती गई और निर्णय के अधिकार केंद्रित होते चले गए। गांव के निर्णय देश की राजधानी में लेने की इस अनुचित व्यवस्था के कारण ढेरों समस्याओं का जन्म हुआ है। इनका निदान केवल और केवल ग्राम स्तर पर नई लीडरशिप पैदा करके संविधान की व्यवस्था के अनुसार गांव के निर्णय गांव में करने की नीति एवं व्यवस्था बनानी होंगी।

उन्होंने बताया कि वित्त आयोग में देश की ढाई लाख ग्राम पंचायतों के लिए 10 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। जिसका सारा निर्धारण ग्राम सभाओं के स्तर पर किया जा रहा है। आज की तारीख में पंचायते इसके लिए तैयार नहीं है क्योंकि जागरूकता का सर्वथा अभाव है। ग्रामीण जनों में यह जागरूकता लानी होगी। कार्यशाला में भाग्योदय फाउंडेशन के अध्यक्ष श्राम महेश मिश्र ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न अंचलों में ग्राम सभाओं व पंचायतों के लोगों को जागरूक बनाने के लिए कार्यशाला के आयोजन किए जाएंगे जिनमें हिंडन नदी को स्वच्छ करनेए तटों पर वृक्षारोपण करनेए गांव की शिक्षा स्वास्थ्य एवं स्वावलंबन को सुदृढ़ता देने की रणनीति बनाई जाएगी। बैठक में हिंडन नदी को पुनर्जीवित करने के लिए एक कार्य योजना एवं स्थानीय टीम को गठित करने का दायित्व दिशा सेवा संस्थान मेरठ के अमित मोहन को सौंपा गया।

 सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता श्राजेंद्र अग्रवाल के अनुरोध पर निजानंद आश्रम में स्थानीय जनता की समस्याओं के निस्तारण के लिए एक समाधान केंद्र प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया। पंचायती राज व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर पर पुनः प्रतिष्ठित करने के लिए सरकार और समाज की पूरक सहयोग वाली सहभागी जन व्यवस्था को एक नवाचारी प्रारूप और उसके क्रियान्वयन की योजना को ब्रॉड मिशन के सुसज्जित कुमार ने प्रस्तुत किया । कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही सर्वोदय आश्रम हरदोई की उर्मिला श्रीवास्तव ने ऊसर भूमि पर किए गए अपने प्रयोगों और अनुभवों को साझा किया। गाजियाबाद में हिंडन अर्थात हरनंदी पर काम कर रहे हैं हरनंदी जागृति अभियान के अध्यक्ष नवनीत सिंह ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए। जीवन जागृति जन कल्याण समिति, गायत्री गोधाम, गायत्री परिवार, पुनर्नवा आयुर्वेदिक केंद्रए गौ रक्षा दल, नवधा योग हेल्थ केयर इंस्टीट्यूट आदि अनेक संगठन प्रमुखों ने भाग्योदय फाउंडेशन के साथ काम करने का संकल्प लिया। 

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