Tuesday, November 12

जयपुर हवाई अड्डे पर एयरपोर्ट कोलेबोरेटिव डिसिजन मेकिंग प्रोजेक्ट का शुभारंभ

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सुनील कुमार शर्मा 
नई दिल्ली। आधुनिकता एवं विकास की ओर गतिशील जयपुर हवाई अड्डे को एक और सुविधा से सुसज्जित कर दिया गया है। भारतीय विमानपत्तन  प्राधिकरण बोर्ड के सदस्य (एएनएस) विनीत गुलाटी के कर-कमलों से जयपुर हवाई अड्डे पर एयरपोर्ट कोलेबोरेटिव डिसिजन मेकिंग (एसीडीएम) प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया गया। यह भाविप्रा का पूरी तरह से इन-हाउस प्रोजेक्ट है। इसे भाविप्रा के ही अधिकारियों के द्वारा बिना किसी बाहरी सहायता के पूरी तरह से तैयार किया गया है।
ए.सी.डी.एम. एक कॉमन सूचना शेयरिंग प्लेटफार्म है जिससे सभी स्टेक होल्डर्स सूचना शेयर करके सिस्टम को अधिकपारदर्शी बना सकते हैं। यह विमानों के आगमन का समय, प्रस्थान का समय, रन-वे की क्षमता को ध्यान में रखते हुये उनका क्रम निर्धारण करता है और क्रम के आधार पर निर्धारित प्रस्थान समय का निर्धारण करता है। इस सुविधा से जयपुर में विमानों की जमीन पर रन-वे के पास होल्डिंग समाप्त हो जायेगी और ईंधन की खपत में कमी आयेगी जिससे वातावरण में कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आयेगी। मौसम या किसी भी वजह से विमानों के आवागमन में होने वाली देरी को ग्राउंड पर ही कंट्रोल कर लिया जायेगा  और हवा में उन्हे होल्ड नहीं करना पड़ेगा। 
इसके लागू होने से विभिन्न फायदे निम्लिखित हैः 
1. प्रचालन क्षमता में सुधार।
2. प्रस्थान करने वाले विमानों की होल्डिंग प्वाइंट पर देरी में कमी।
3. एविएशन ईंधन की बर्बादी में कमी। 
4. कार्बन उत्सर्जन में कमी तथा वातारवरण प्रदूषण में कमी।
5. आर.टी.कंजेशन में कमी।
6. सभी स्टेक होल्डर्स को विमानों की वास्तविक स्थिति की जानकारी।
7. ग्राउंड हैंडलिंग रिसोर्सेज का बेहतर उपयोग। 
8. हवाई अड्डे की पार्किंग क्षमता तथा टर्मिनल का बेहतर उपयोग। 
9. एप्रन एवं टैक्सी-वे पर कंजेशन में कमी।
10. मौसम की ताजा जानकारी।
इस विषय में यह भी उल्लेखित है कि भारत में यह सिस्टम सबसे पहले मुम्बई में तथा उसके पश्चात् यह चेन्नई तथा कोलकाता में लागू हुआ। वर्तमान में जयपुर के अलावा अहमदाबाद, गुवाहाटी तथा त्रिवेन्द्रम में भी ए.सी.डी.एम. का कार्य प्रगति पर है। भारत में ही नहीं अपितु पड़ोसी देशों में  भी इस प्रोजेक्ट की मांग है और भारत में भी प्राइवेट एयरपोर्ट ऑपरेटर इसकी मांग कर रहे हैं। हैदराबाद, कोच्चि, बैंगलुरु, दिल्ली एवं काठमान्डू हवाई अड्डों ने इस प्रोजेक्ट मे अपनी  रुचि दिखाई है। स्वच्छ भारत अभियान की दिशा में  जयपुर हवाई अड्डे का यह प्रोजेक्ट एक मील का पत्थर है जो कि कार्बन उत्सर्जन को कम करके वातावरण को और भी स्वच्छ रखनेमें मदद करेगा।  
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