Saturday, July 20

विपिन जी जैसा सौम्य मिलना मुश्किल है।

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संवाददाता
पूर्वी दिल्ली। विपिन सौम्य जैसा नाम वैसा व्यवहार जी हां केवल मैं ही नहीं पूरा शहर जानता है यह बात विपिन जी का नाम तो विपिन महेश्वरी था लेकिन उनके सौम्य व्यवहार को देखते हुए उनके साहित्यकार मित्रों ने उनका नाम सौम्य रख दिया था और साहित्य जगत में वे इसी नाम से जाने जाते हैं। इस बात का खुलाशा उनकी स्मृति में आयोजित सभा में साहित्यकार निरंजन सिंह त्यागी नें किया। शशि पब्लिक स्कूल में आयोजित सभा की अध्यक्षता रामजस स्कूल के पूर्व प्राधानाचार्य ज्ञान प्रकाश गुप्त ने की।

स्मृति सभा में तकरीबन सभी वक्ताओं ने उनकी सौम्यता पर प्रकाश डाला। हर कोई कायल दिखा उनके सौम्य व्यवहार का उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए हर कोई दुखी दिखा। मेरा तो यह हाल था कि दो शब्द भी नहीं बोल पाया। भावुकता मुझ पर पूरी तरह हावी थी। शायद इसीलिए मैं सबसे पीछे की पंक्ति में बैठ नम आंखों से सबके विचार सुनता रहा। जब मन नहीं माना तो पुष्प अर्पित कर फिर से अपने स्थान पर बैठ गया। उस वक्त सब भावुक हो गये जब मैंने सभी पार्टी के नेताओं व अधिकारियों के सामने यह प्रस्ताव रखा कि विपिन जी की याद जिन्दा रखने के लिए किसी एक मार्ग का नाम विपिन सौम्य मार्ग रख दिया जाये। इस प्रस्ताव का सभी ने हाथ उठा कर समर्थन किया और उसके बाद तकरीबन हर वक्ता ने इस प्रस्ताव का समर्थन भी किया। निगम जोन समिति के चेयरमैन प्रवेश शर्मा ने घोषणा भी कर दी समिति की पहली बैठक में ही इस प्रस्ताव को पास कर दिया जायेगा।

विपिन जी की सादगी, ईमानदारी, कर्मठता और पत्रकारिता की सभी ने जमकर तारीफ की। वक्ताओं का कहना था विपिन जी जैसी दूसरी मिसाल शायद ही मिले। कई वक्ताओं ने तो उन्हें पूर्वी दिल्ली का गांधी भी कहा विपिन जी ने निगम की कई खबरें ब्रेक की जो बाद में सभी अखबारों व न्यूज चैनलों की हैड लाइनें बनीं। पंजाब केसरी में तो उनकी खबरों का जलवा रहता था। सीपीएन न्यूज में भी उनकी वही रफ्तार बरकरार रही। नेताओं और अफसरों से बात-बात में खबर निकालने में वो माहिर थे। अपने कुशल व्यवहार के चलते वे नेताओं के साथ-साथ अफसरों से भी बेहतर तालमेल रखते थे। यही वजह थी उनके पास खबरों का भंडार रहता था। डैस्क पर उनकी खबरों में एडिटिंग आसान नहीं थी। उनकी लिखी खबर से कुछ भी काटना हर किसी के लिए आसान नहीं था। उनकी हैण्ड राइटिंग का जवाब नहीं था। हिंदी साहित्य में एमए प्रथम श्रेणी विपिन जी की हिंदी में जबर्दस्त पकड़ थी शीला दीक्षित जब मुख्यमंत्री थी तब विपिन जी एक पत्र लेकर उनके पास पहुंचे तो उनकी लिखाई देख उन्होंने बहुत तारीफ की थी।

 स्मृति सभा में निगम में सदन के नेता निर्मल जैन, डिप्टी मेयर संजय गोयल, जोन चेयरमैन प्रवेश शर्मा, डिप्टी चेयरमैन वीएस पंवार, निगम में विपक्ष की पूर्व नेता वरयाम कौर, कांग्रेस के जिला अध्यक्ष कैलाश जैन, ट्रेडर कांग्रेस के प्रदेश संयोजक अजय अरोड़ा, विधायक सरिता सिंह, पूर्व विधायक वीर सिंह धिंगान, जितेन्द्र सिंह शंटी, पूर्व जोन चेयरमैन अजित सिंह, ईश्वर सिंह बागड़ी, संजय सुर्जन, पूर्व डिप्टी मेयर दिव्य जायसवाल, शशी पब्लिक स्कूल के चेयरमैन सुरेन्द्र वर्मा, निगम पार्षद अमरलता सांगवान, मोहनी जीनवाल, पूर्व निगम पार्षद भाई रोहताश, फूलवती भवंर, अनिल गौतम, ब्लाक अध्यक्ष वेद प्रकाश बेदी, भारत कौशिक, परमानन्द शर्मा सीमा पुरी से विधानसभा भाजपा प्रत्याशी रहे रामपाल सिंह आप पार्टी नेता निर्मल गुप्ता, अशोक शर्मा भाजपा नेता संदीप आहूजा, वीरेंद्र जरयाल सहित बड़ी संख्या में नेता, अधिकारी व सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग शामिल हुए। 

साहित्यकार, कवियों तथा प्रमुख समाजसेवियों में राम चरण सिंह साथी, विजय कौशिक, हिंदी अकादमी के सदस्य डॉ.कुसुम वियोगी, गंगा सहाय मधुप, प्रेम बाबू शर्मा व्यस्त, प्रीतम सिंह प्रीतम, डी के. तिवारी, नयन सिंह नयन, सुमंत मलिक, डॉ.जय जय राम, अरुण पाल, डॉ. चिरंजीवी, राजेन्द्र वर्मा, डी.पी.सिंह, अतुल मुदगिल, कपिल सोनी के.पी.शर्मा सहित कई अन्य ने पुष्पांजलि अर्पित की। सभा में मौजूद हर कोई विपिन जी पर बोलना चाहता था, लेकिन वक्ता इतने अधिक थे कि मंच संचालक मुकेश पांचाल के लिए चयन करना बड़ा मुश्किल था कि किस-किस को मौका दिया जाये। सभी वक्ताओं ने विचार रखते तो पूरी रात बीत जाती। बावजूद इसके उन्होंने बाहर से आये ज्यादातर लोगों को बुलवाया।

सभा में साहित्यकार चैक, हिंदी मित्र सेवा समिति, हिंदी साहित्य सेवा समिति निश्चय निशा जैन फाउन्डेशन (सौरभ जैन एवं टीम) वैधराज रघुवीर दत्त मैमोरियल समिति समस्त रोहताश नगर आरडब्ल्यूए मानव अधिकार एवं न्याय सुरक्षा प्रहरी के अलावा मानसरोवर पार्क, राम नगर, अशोक नगर, चन्द्र लोक नवीन शाहदरा वैलकम कालोनी न्यू मोडर्न शाहदरा, जगतपुरी, बाबरपुर, मौजपुर, भजनपुरा सहित कई कालोनियों की आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों ने विपिन जी को पुष्पाजलि अर्पित की। इस अवसर पर कई राष्ट्रीय अखबारों के प्रतिनिधि व बड़े न्यूज चैनलों के साथी भी मौजूद रहे जिन्होंने विपिन जी के साथ बिताये पल याद किये।

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2 Comments

  1. सुनील कुमार on

    भगवान उनकी आत्मा को शांति दे और मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि इस युग के अंदर स्वर्गीय श्री विपिन जीके आचरण और स्वभाव से परिपक्व लोगों को इस दुनिया में भेजें आज यहां उनकी बहुत जरूरत है ओम शांति शांति शांति

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