Saturday, July 11

भारतीय सैनिकों की स्मृति का अनादर करती दिल्ली पुलिसः चौ. अनिल कुमार

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राहुल शर्मा
नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लद्दाख बॉर्डर पर अपनी जान की परवाह किए बिना देश की रक्षा करते हुए भारतीय सैनिकों की शहादत पर ‘‘शहीदों को सलाम दिवस’’ कार्यक्रम के तहत नेशनल वार मेमोरियल, इंडिया गेट पर उन्हें श्रद्धाजंलि दी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज, मोमबत्ती, दिया तथा भारतीय सैनिकों की शहादत संबधी प्ले कार्ड लिए सामाजिक दूरी का पूरी तरह पालन करते हुए मौन धरना दिया। धरने में चौ0 अनिल कुमार के साथ राज्यसभा सांसद हुसैन दलवाई, ए.आई.सी.सी सचिव जितेन्द्र बघेल, प्रदेश उपाध्यक्ष शिवानी चोपड़ा, आदर्श शास्त्री, संदीप गोस्वामी, परवेज आलम, दिल्ली सेवा दल के मुख्य संगठक सुनील कुमार, रोमेश सब्बरवाल और अनुज अत्रेय मुख्य रूप से मौजूद थे।

लेकिन दिल्ली पुलिस ने देश की सीमाओं की रक्षा के लिए बहादुर सैनिकों के निस्वार्थ बलिदान पर शहीदों को सलाम दिवस उन्हें श्रद्धाजंलि दे रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सराहना करने की बजाय चौ0 अनिल कुमार सहित कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन ले गए। पुलिस ने सेना के जवानों की शहादत का अपमान करते हुए कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के हाथों से तिरंगा और शहीद सैनिकों के पोस्टर छीन लिए। पुलिस की कार्यवाही ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को स्तब्ध कर दिया क्योंकि वे देश की रक्षा करते हुए सीमाओं पर सशस्त्र बलों के भारतीय सैनिकों के सर्वाेच्च बलिदान को सम्मान देने के लिए एकत्रित हुए और उन्हें श्रद्धाजंलि दे रहे थे।

हालांकि यह एक मौन विरोध था, हमारे सैनिकों की कुर्बानी के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जो जोश और गुस्सा भरा था, उसे दबाने की कोशिश की गई। चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि मोदी सरकार से हम मांग करते है कि हमारी जमीन को चीनी सेना के कब्जे से वापस लिया जाए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार से दो सवाल किए। पहला मोदी सरकार ने हमारी जमीन पर चीनी घुसपैठ की अनुमति क्यों दी? दूसरा हम अपने जवानों और शहीदों को सलाम करते हैं। चीन के साथ लड़ने के लिए मोदी सरकार ने हमारे जवानों को ”निहत्थे’ क्यों भेजा?

दिल्ली कांग्रेस ने एक आक्रामक सोशल मीडिया पर “Speak Up for Our Jawans” अभियान भी शुरू किया, क्योंकि कर्तव्यनिष्ठ सैनिक मौन रहकर अमानवीय परिस्थितियों से जूझ रहे ठंड के मौसम में हमारी सीमाओं की रक्षा करते है, लेकिन मोदी सरकार जवानों के बलिदान को कोई महत्व नही दिया और हमारी सीमा में चीनी घुसपैठ को लेकर देशवासियों को अंधेरे में रखा। दिल्ली कांग्रेस ने मांग की कि “हमारी भूमि को चीनी सेनाओं के कब्जे से वापस लिया जाए“ क्योंकि इसके लिए भारतीय सेना द्वारा जो भी पराक्रमी कार्य करेगी, भारतीय सेना के पीछे पूरा देश दृढ़ता से खड़ा रहेगा।

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