Saturday, July 11

कोरोना को लेकर योगी की सतर्कता ।

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. 15 लाख दिहाड़ी मजदूरों को सरकार देगी भत्ता।
. छोटे उपक्रमों में श्रमिकों का वेतन न काटने का निर्देश।
. मंत्रियों को भी वर्क फ्राम होम की हिदायत।

सुनील शर्मा।
उत्तर प्रदेश। कोरोना जैसी महामारी ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। कोहराम के साथ दहशत मची है। हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी देशवासियों के नाम अपील की है कि इसका मुकाबला संयम और संकल्प के साथ करें। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी व्यापक सतर्कता बरतने की रणनीति बनायी है। इसके तहत किसी को परेशानी भी न हो, इसका भी ध्यान रखा गया है। दिहाड़ी मजदूरों को आर्थिक सहायता की घोषणा की गयी। छोटे-छोटे उपक्रमों में काम करने वाले श्रमिकों का वेतन नहीं काटा जाएगा। संक्रमण से बचने के लिए मंत्री-विधायक भी खुद को आइसोलेट कर रहे हैं।
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव की अपील करते हुये उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उनकी सरकार प्रदेश के 15 लाख दिहाड़ी मजदूरों को एक हजार रूपये भत्ता देगी जबकि इस दौरान श्रमिकों का वेतन नहीं काटा जायेगा। योगी ने यह व्यवस्था इसलिए की है क्योंकि प्रदेश में कोरोना सेकेंड स्टेज में है। यहां अब तक कोरोना पाजीटिव के कुल 25 मरीज चिन्हित हुये है जिसमें नौ पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। इस वायरस से घबराने की नहीं बल्कि इसे चुनौती के तौर पर लेकर जूझने की जरूरत है। लोगों को एक जगह पर इकट्ठा होने से बचना होगा। जब तक बहुत जरूरी नहीं हो तो लोग घर से बाहर न निकले। उन्होंने कहा कि दिहाड़ी मजदूरों को घबराने की जरूरत नहीं है, सरकार प्रदेश के 15 लाख दिहाड़ी मजदूरो को एक हजार रूपये भत्ता देगी और फैक्ट्रियों और छोटे उपक्रमों में काम करने वाले श्रमिकों का वेतन नहीं काटा जायेगा। गरीबों को मुत राशन दिया जायेगा। जरूरी खाद्य पदार्थो की कालाबाजारी करने वालों को बख्शा नहीं जायेगा। प्रदेश में खाने पीने और जरूरत की चीजों की कमी नहीं होने दी जायेगी।
योगी ने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पहले ही वायरस से संक्रमण से विस्तार से बचने के लिये लोगों से अपील कर चुके है। हम अगर खुद जागरूक रहकर वायरस संक्रमण के विस्तार को रोकने में सफल रहते है तो यह दुनिया के लिये भी एक संदेश होगा जो पहले ही काफी जनहानि झेल चुके हैं।” उन्होने कहा कि सरकार ने संक्रमण से बचाव के लिये बडे़ स्तर पर ऐहतियाती कदम उठाये है। प्रदेश के हर जिले के जिला अस्पताल और मेडिकल कालेजों में पर्याप्त संख्या में आइसोलेशन वार्ड तैयार किये जा चुके है। चिकित्सकों की टीम और मेडिकल स्टाफ किसी भी चुनौती से निपटने को तैयार है। हालांकि इसमे जनसहभागिता की जरूरत है। लोगों को इस वायरस से बचाव के लिये खुद को भीडभाड वाले स्थानो पर जाने से बचना होगा। हमारी सावधानी ही देश को इस चुनौती से पार पाने में मददगार साबित हो सकती है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए कई ऐलान किए हैं। उन्होंने बताया कि अभी (21 मार्च) राज्य में 25 लोग कोरोना से पीड़ित हैं। सीएम ने ऐलान किया कि राज्य में 15 लाख दिहाड़ी मजदूरों और निर्माण श्रमिकों को उनकी दैनिक जरूरतों को पूरा करने में मदद करने के लिए 1000 रुपये प्रत्येक को दिया जाएगा। साथ ही रेहड़ी वालों को 1000 रुपये की राशि दी जाएगी। ये मदद राशि मजदूरों के खाते में ट्रांसफर की जाएगी। लेबर सेल से मदद मुहैया कराने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 22 मार्च को जनता कर्यू का आह्वान किया है, .पया घरों में रहें। रविवार को मेट्रो, बसें, सिटी बसें बंद रहेंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने भी कोरोना से बचाव और लड़ने के लिए पूरी सतर्कता बरती है और 2 दिन पहले पीएम मोदी ने भी जनता से भीड़ न लगाने की अपील की है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पूरे देश में कोरोना वायरस सेकंड स्टेज पर है और अगर हम इसे यहीं रोकने में कामयाब होते है तो ये पूरी दुनिया के लिए एक मैसेज होगा। इसके संक्रमण को रोकने के लिए हमारी तैयारी युद्धस्तर पर चल रही है। सभी जिलों के अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बनाए गए है और पर्याप्त चिकित्साकर्मी तैनात किए गए हैं। सीएम योगी ने बताया कि राज्य में कोरोना के 25 मरीज में से 9 पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। कोरोना से घबराने की जरूरत नहीं है, लड़ने की जरूरत है, बचाव ही सबसे बेहतर उपाय है। यूपी सरकार ने दिहाड़ी मजदूरों के भरण पोषण के लिए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना की अध्यक्षता में गठित समिति की सिफारिशें मान ली है। उन्होंने बताया कि श्रम विभाग में 20 लाख 37 हजार पंजीकृत श्रमिकों, दैनिक सफाईकर्मी, ठेले वाले 15 लाख लोगों को भी भरण-पोषण के तौर पर एक हजार रुपये इनके बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अपील की है कि घबराएं मत, व्यापारी जमाखोरी न करें, हमारे पास पर्याप्त खाद्यान्न है। भीड़ भाड न करें, संक्रमण न होने दें, दुकानों में लाइन न लगाएं, जो जरूरी हो वही लेने जाएं, किसी भी चीज की किल्लत नहीं होने देंगे, अनावश्यक जमा करने की प्रवृत्ति से बचिए। आप सबकी सहभागिता जरूरी है, सहयोग करें। जनता मुख्यमंत्री की इस सलाह को माने तो निश्चित रूप से हम कोरोना जैसी महामारी का मुकाबला मामूली क्षति के साथ कर सकते हैं। यह कहना तो अपने आप को ही धोखा देना है कि कोरोना हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
दरअसल यूपी में कोरोना पॉजिटिव कनिका कपूर का मामला सामने आने के बाद सरकार पूरी तरह से सतर्क हो गई है। इसी के मद्देनजर सीएम योगी ने कहा है कि जबतक बेहद जरूरी न हो मंत्री लोगों से न मिलें। उत्तर प्रदेश की राजधानी में मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण जिला प्रशासन ने सतर्कता दिखाते हुए सख्ती की है और 31 मार्च तक होटल, कैफे समेत कई प्रतिष्ठान भी बंद कर दिए गए हैं। प्रदेश की जनता भी इसमें सहयोग करे।

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