Saturday, July 11

दंगो में झुलसी दिल्ली को रूहानियत सन्देश-राजेश्वरानंद।

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राहुल शर्मा।
पूर्वी दिल्ली –गन्दगी बाहरी हो या भीतरी इससे मानवता की हानि ही होती हैं। यह सन्देश स्वामी श्री राजेश्वरानंद जी महाराज ने शाहदरा गोरखपार्क स्थित श्रीराजमाता झंडेवाला मन्दिर में आयोजित होली मिलन समारोह में प्रस्तुत किया।
संस्थान के सहप्रबन्धक राम वोहरा ने बताया कि होली के पावन पर्व पर होली के रंग-सन्तों के संग महोत्सव मनाया गया। दंगो की अग्नि में झुलसी दिल्ली की पीड़ा पर मरहम लगाते हुए होली पर रूहानियत का संदेश देने के लिए सूफी कव्वाली कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। जिसमें काली मंदिर के महन्त पंकज नाथ शर्मा, योगिराज, अमृतसर से महन्त वीरेन्द्र, बिल्ला, महन्त सुनील निर्मल व अन्य कलाकारों ने मजहब से उठकर रुहानी न मस्जद दी न मंदर दी कोई गल्ल सुनावे अंदर दी। जब लोग मन्दिर मस्जिद जला बैठे तब परिंदे फर्ज इंसानियत का निभा बैठे, कभी मन्दिर तो कभी मस्जिद पर जा बैठे का संदेश दिया।
होली के त्यौहार को गन्दे रसायनिक रंगों से दूर सुगंध के साथ मनाने का संदेश प्रसारित करते हुए मन्दिर में भक्तजनों पर प्राकृतिक फूलो, चन्दन लेप व इत्र की सुगन्धित वर्षा करते हुए होली मंगलमिलन किया गया।
इस अवसर पर भक्तसमुह को सम्बोधित करते हुए स्वामी श्री राजेश्वरानंद जी महाराज ने कहा कि होली का त्यौहार भक्ति रंग में रंगकर मनुष्यता का संदेश देता है। गन्दगी चाहे बाहरी हो या भीतरी इससे मनुष्यता को लाभ प्राप्त नहीं हो सकता गन्दगी से तो नुकसान ही होता है। बाहरी गन्दगी शरीर को नुकसान देगी तो भीतरी वैर भाव की गंदगी पूरी दुनिया को नुकसान पहुंचाने का काम करती है। होली के त्यौहार को गन्दे रसायनिक रंगों से नहीं बल्कि प्राकृतिक रंगों से व वैर वैमनस्यता को भुलाकर प्रेम सद्भावना भाईचारे से मनाकर सुन्दर समाज का निर्माण करें। दिल्ली के दंगे एक बुरा सपना था उसके लिए विचार रखे हो-ली यानी अब छोड़ो मिलकर मनाओ होली। महोत्सव के समापन पर सर्वकल्याण अरदास की गई। भण्डारे आरती के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

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