Friday, May 29

धनु राशि में छह ग्रहों ने वैश्विक महामारी को दिया जन्म

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मेदनी ज्योतिष के अनुसार विश्वव्यापी महामारी कोरोना वायरस (कोविड-19) की शुरुआत इसके फैलने की रफ्तार और थमने का वक्त सब कुछ ग्रहों के चाल और विभिन्न राशियों में उनके भ्रमण पर निर्भर है। इस लिहाज से भारत समेत पूरे विश्व में 15 जुलाई 2020 से कोरोना वायरस का प्रकोप कम होने का संकेत है। सितंबर 2020 समाप्त होगा। डा. ओझा कहते हैं कि कोरोना वायरस जैसे किसी महामारी के संकेत 5 नवंबर 2019 को ही मिल गए थे। उसी तिथि को (गुरु, शनि और केतु) मस्तिष्क विहीन छाया ग्रह) धनु राशि में आए थे।

शनि- रसायन, विष, हवा और कष्ट के कारक हैं। वहीं गुरु, बृहस्पति जीव के कारक है। केतु रहस्यमयी रोग का कारक है। जबकि धनु राशि पूर्व दिशा का कारक है। वही तीनों ग्रहों (गुरु, शनि, केतु) ग्रहों की दृष्टि मिथुन राशि (जो श्वसन तंत्र का कारक है) पर पड़ रही है। इन सभी को एक साथ जोड़ने पर स्पष्ट हो जाता है कि कोरोना वायरस जैसी महामारी की शुरुआत पूर्व दिशा में स्थित देश चीन से हुई, जो इंसानों (मानवों) के श्वांस तंत्र पर हमला करता है।

26 दिसंबर 2019 को धुन राशि पर मूल नक्षत्र की उपस्थित में सूर्य ग्रह लगा था इसमें सूर्य, चंद्रमा, केतु, बुध एवं गुरु की युति बनी थी यह युति भी विशेष संक्रमण के द्वारा महामारी के फैलने और प्राकृतिक का कारण बना। षडाणक योग से फैला कोरोना वायरस उक्त तीनों ग्रहों (गुरु शनि, केतु) की दृष्टि मिथुन राशि में बैठे राहु पर पड़ी क्योंकि राहु संक्रमण का कारक है इसलिए वह कोरोना के संक्रमण को फैलाने में सहायक सिद्ध हुआ 24 जनवरी 2020 को मकर राशि पर राहु के साथ शनि की स्थिति से अशुभ फलदाई षडाणक योग बना।

जब शनि से राहु छठे भाव में और राहु एवं शनि आठवें भाग में हो तो षडाणक (रोग से मृत्यु) योग बनता है। क्योंकि छठां भाग रोग का कारक और आठवां भाग मृत्यु का कारक होता है। 22 मार्च 2020 के बाद मकर पर गुरु, शनि, मंगल की युति से यह महामारी प्रचण्ड वेग से फैली, इसके साथ ही उत्प्राताध्याय के अनुसार शनि और मंगल की युति से पृथ्वी पर भूकंप, हिंसात्मक घटनाएं, आतंकी हमले आदि अनिष्ट की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

मेदनी ज्योतिष के अनुसार पांच जून 2020 से मंद पड़ेगी कोरोना की रफ्तार 14 अप्रैल 2020 सूर्य मेष राशि में आ चुका है। जिससे कोरोना वायरस के संक्रमण का प्रभाव बढ़ रहा है। 21 मई 2020 को राहु आद्रा नक्षत्र छोड़कर मृगशिरा नक्षत्र में चला जाएगा, वही राहु व बुध में चल रहे ग्रह युद्ध में 29 मई को बुध स्वयं की राशि मिथुन में ताकतवर हो जाएंगे साथ ही विषाणु जनित इस संक्रमण रोग के प्रभाव को कम करने में जुट जाएंगे। 5 जून 2020 को राहु सूर्य के सान्धिय व्यस्त होंगे और रफ्तार कम पड़ जाएगी, 19 जून 2020 को मंगल की दृष्टि राहु पर पड़ रही है इससे भी संक्रमण रोग के प्रभाव में कमी होने के आसार नजर आ रहे हैं।

आचार्य डाॅ.राजेश ओझा
अखिल भारतीय ज्योतिष परिषद के गवर्नर, ज्योतिष विज्ञान

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