Saturday, July 11

ग्रामीण विकास की रीढ़ बनी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना

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राहुल शर्मा
गाजियाबाद। सड़कें विकास की रीढ़ होती हैं। किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए यदि सड़क का निर्माण करा दिया गया तो उस क्षेत्र का विकास स्वतः होने लगता है। भारत सरकार द्वारा चालू की गई प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से ग्रामीण क्षेत्रों को बारहमासी आवागमन के लिए सड़कें मिल रही हैं।

मैदानी क्षेत्रों की 500 से अधिक आबादी की वसावट को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए गुणवत्तापूर्ण सड़कों का निर्माण कर विकास को गति दी गई है। गरीबी निवारण की रणनीति के रूप में पात्र असम्बद्ध बसावटों तक पहुंच स्थापित कर किसानों, बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। किसानों को अपनी फसल को मण्डी तक ले जाने व अन्य कृषि कार्यों के लिए यह सड़कें ग्रामीण जीवन में आर्थिक प्रगति ला रही है।

प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनान्तर्गत ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। इस योजनान्तर्गत बनी सड़कों का रख-रखाव व अनुरक्षण का कार्य सम्बंधित ठेकेदार द्वारा 05 वर्ष तक की जाती है। सड़क की गुणवत्ता, मार्गों की सन्तोषजनक अवस्था बनाये रखने के लिए स्टेट क्वालिटी मानीटर्स द्वारा नियमित निरीक्षण, परीक्षण किया जाता है। इस योजना के तहत ग्रामीण सड़कों के निर्माण में नई तकनीक के तहत बेकार प्लास्टिक, शीत मिश्रण, जियो टेक्सटाइल, लाई ऐस, लोहा व तांबा के तलछट इत्यादि गैर पारम्परिक सामग्रियों का उपयोग कर सड़कें बनाई जा रही हैं।

उत्तर प्रदेश में इस नई तकनीक का प्रयोग करते हुए 184 किमी सड़कों के निर्माण का कार्य कराया जा रहा है, जिसमें 28.72 किमी0 की सड़कें निर्मित हो चुकी हैं। सरकार ने सड़क के निर्माण की गुणवत्ता तथा प्रगति के सम्बंध में नागरिकों द्वारा शिकायत, सुझाव हेतु मोबाइल ऐप ‘मेरी सड़क’ भी चालू किया गया है।

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