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अमेरिका ने ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकेबंदी किया

नई दिल्ली। अमेरिका ने ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य में 13 अप्रैल से नाकेबंदी कर रखी है। ईरान ने इससे पहले से ही सीज कर रखा है। लेकिन, फिर भी रिपोर्ट है कि अमेरिकी सख्ती के बाद भी होर्मुज स्ट्रेट से होकर करीब 34 व्यापारिक जहाज उसी रास्ते से गुजर चुके हैं। भारत सरकार की अंतरिम आधिकारिक जानकारी के हिसाब से होर्मुज संकट की वजह से अभी भी 14 भारतीय जहाज फारस की खाड़ी में लंगर डाले हुए हैं। दो माह बाद भी उन्हें निकलने का रास्ता नहीं दिखा है, पिछले दिनों दो भारतीय जहाजों ने कोशिश भी की थी, लेकिन ईरान की चेतावनी की वजह से उन्हें वापस होना पड़ा। लेकिन, मौजूदा रिपोर्ट के सामने आने के बाद भारतीय तेल और एलपीजी टैंकरों के लिए वैकल्पिक रूट की उम्मीद जग गई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में अभी 14 भारतीय जहाज मौजूद हैं। लेकिन एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान से लिंक वाले करीब 34 टैंकर अमेरिकी नाकेबंदी शुरू होने के बाद निकल चुके हैं। अब सवाल है कि करीब तीन दर्जन जहाजों ने अमेरिकी नेवी को कैसे चकमा दिया? इस पर दो विश्लेषकों ने बताया है कि जहाज ईरान की समुद्र से चलते हुए, अमेरिकी नाकेबंदी के क्षेत्र में पहुंचे बिना पाकिस्तानी समुद्र क्षेत्र में प्रवेश कर मकरान के तटीय क्षेत्र से होकर आ सकते हैं। इसतरह से जहाजों को उस अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिसपर अमेरिकी नौ सेना की नजर है।

इस सुझाव की वजह ये है कि अमेरिकी नेवी सामान्य स्थिति में किसी दूसरे देश के समुद्री क्षेत्र में मौजूद जहाजों को नहीं रोक सकती। रिपोर्ट के अनुसार इसतरह जहाज ईरान के तटीय क्षेत्र से आकर चाबहार बंदरगाह पहुंचें, फिर दक्षिण की तरफ मुड़कर अंतरराष्ट्रीय समुद्र में दाखिल हो जाएं। यहां से वे सीधे महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा, कर्नाटक या केरल के बंदरगाहों के लिए रवाना हो सकते हैं। बात दें कि अभी अमेरिकी नाकेबंदी सिर्फ ईरान के साथ जारी संघर्ष की वजह से वहां के अंतराष्ट्रीय समुद्र तक लागू है। अमेरिकी नेवी उन वाणिज्यिक जहाजों को नहीं रोक सकती, जो अन्य अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से गुजर रहे हों और जो किसी भी गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल नहीं हों। रिपोर्ट में इंडियन नेवी के एक पूर्व अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि पाकिस्तान के रास्ते भारतीय जहाजों का आना संभव है, लेकिन यह जोखिम भरा हो सकता। उन्होंने कहा कि भारतीय जहाजों को इंडियन नेवी अपने जहाजों से एस्कॉर्ट करके लाती है, इसलिए उन्हें, पाकिस्तानी तट से सटने या पाकिस्तानी क्षेत्रीय जल में प्रवेश करने की जरूरत नहीं है। ओमान की खाड़ी से वे सीधे भारतीय बंदरगाहों की ओर बढ़ सकते हैं, मुंबई, या कोच्चि, या भारत में किसी भी बंदरगाह की ओर। तथ्य यह है कि अमेरिकी नाकेबंदी से पहले तक ईरान ने आपसी सहमति से 10 भारतीय जहाजों को होर्मुज से गुजरने का मौका दिया भी, लेकिन अमेरिकी नाकेबंदी शुरू होने के बाद से भारत की ओर आने वाले जहाजों की चुनौती बहुत ज्यादा बढ़ चुकी है।

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