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दुनिया में भारत की पहचान अब कॉकरोच से

भारत में पिछले दिनों कॉकरोच के प्रदर्शन में जो कुछ हुआ है, उससे भारत की सारी दुनिया में एक नई छवि बनी है। अंग्रेजों के समय में भारत की पहचान सांप- सपेरों के रूप में थी। महात्मा गांधी के आंदोलन ने भारत की एक नई पहचान सारी दुनिया में बनाई थी। अंग्रेजों के खिलाफ शांतिपूर्वक प्रदर्शन करते हुए उन्होंने भारत की स्वतंत्रता की नींव रखी थी। अंग्रेजों को भारत के साथ-साथ कई उपनिवेश आजाद करना पड़े थे। भारत की पहचान महात्मा गांधी बने। भारत स्वतंत्र हुआ, उसके बाद सारी दुनिया में भारत को एक लोकतांत्रिक देश, आईटी, परमाणु ताकत, आईआईएम, बेहतर शिक्षा, ओद्योगिक क्रांति और खाद्यान्न में आत्मनिर्भरता के रूप में सारी दुनिया में नई पहचान मिली। देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु और इंदिरा गांधी तक ने भारत में पूंजीवाद और और कम्युनिस्ट व्यवस्था के स्थान पर समाजवाद की नई अवधारणा पैदा की। जिसमें सभी वर्गों को समान अधिकार दिए गए। भारत की पहचान गुटनिरपेक्ष देश के रूप में सारी दुनिया में बनी। बिना किसी भेदभाव के नागरिकों के मौलिक अधिकारों पर तथा आर्थिक समानता को लेकर सारी दुनिया के सामने एक श्रेष्ठ राष्ट्र के रूप में पहचान मिली। 

संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत एक अलग ताकत के साथ पहचाना गया। विश्व शांति के लिए भारत एक ऐसे मध्यस्थ के रूप में जाना जाता था, जो किसी भी देश से कभी भी बात कर सकता था। सारे विश्व में भारत की बात सुनी जाती थी। अमेरिका- रूस जैसी महाशक्तियां भी भारत को अनदेखा नहीं कर सकती थीं। 1947 के बाद भारत ने बड़ी तेजी के साथ विकास किया। इस बीच चीन और पाकिस्तान से युद्ध भी लड़ने पड़े। इसके बाद भी भारत विकास के पथ पर तेजी के साथ आगे बढ़ता रहा। 2004 से लेकर 2014 के बीच में जब सारा विश्व वैश्विक व्यापार संधि के बाद आर्थिक प्रगति की ओर बढ़ रहा था, उस समय भारत ने अमेरिका की आर्थिक मंदी के बीच में जिस तरह से अपनी अर्थव्यवस्था को बनाए रखा था। अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा को भी डॉक्टर मनमोहन सिंह की तारीफ करनी पड़ी। उन्होंने मनमोहन सिंह को अपना गुरु तक बता दिया था। ऐसे भारत को अब सारी दुनिया में एक नई पहचान कॉकरोच के रूप में मिली है। 

2014 में केंद्र की पूर्ण बहुमत की सरकार लगभग तीन दशक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बनी। उसके बाद से ही भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की कोशिश की जा रही है। भारत को विश्व गुरु बनाने का लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का है। पिछले 12 वर्षों में विश्व गुरु, लोकतंत्र की जननी, विकसित भारत, हिंदू राष्ट्र, राष्ट्रभक्ति, सनातन धर्म को लेकर बहुत सारे प्रयास शुरू किये गए। यह सारे प्रयास सपने और नारे तक सीमित होकर रह गए हैं। मोदी सरकार ने अपने शासनकाल में लाभार्थी, खैराती और परजीवी बनाने का जो मिशन चलाया। भारत के नागरिकों की नागरिकता पर प्रश्न चिन्ह लगाए गए। एसआईआर के माध्यम से करोड़ों मतदाताओं को मतदान से वंचित किया गया। जिस तरह से हिंदू और मुसलमान के बीच 80रू20 का नारा दिया गया। हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए मुसलमानो के प्रति जो वेमनष्यता पैदा की गई। उसने एक नए भारत को जन्म दिया है। 

सारी दुनिया भारत को अब कॉकरोच के नाम से जान रही है। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने एक मामले की सुनवाई करते हुए बेरोजगार युवाओं को कॉकरोच कहा था। इस टिप्पणी का त्वरित असर हुआ। सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी बन गई। एक ही रात में करोड़ों लोग उसमें शामिल हो गए। यह एक आंदोलन बन गया। देखते ही देखते दुनिया के सभी देशों में भारत की नई पहचान कॉकरोच देश के रूप में बन गई। देखते ही देखते हिंदू राष्ट्र, विश्व गुरु, सनातन धर्म इत्यादि कहां चले गए, इसका पता नहीं लग रहा है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मोदी सरकार खुद अपने आप को बचाने में लग गई है। जेन-जी की भारतीय युवा शक्ति ने सारी दुनिया को बता दिया है, कि वे भारत के युवा हैं, उनकी तुलना बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल इत्यादि के जेन-जी से नहीं की जा सकती है। भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा और शांति का जो मंत्र दिया था. यह मंत्र भारत के जेन-जी युवाओं के डीएनए में है। भारत की युवा शक्ति की यह झंकार सारी दुनिया में गूंज रही है। अब यही भारत की नई पहचान है। 


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