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मुखर्जी ने भूटान और भारत के बीच उत्कृष्ट संबंधों को और मजबूत करने में बहुत योगदान /31 Aug 2021 11:53 AM/    56 views

अद्वितीय बौद्धिक क्षमताओं से युक्त भारत रत्न प्रणब मुखर्जी ने देश की प्रगति में उल्लेखनीय योगदान दिया . प्रधानमंत्री

सोनिया शर्मा
 
नई दिल्ली । प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति रणब मुखर्जी की पहली पुण्यतिथि के अवसर पर मंगलवार को पहले प्रणब मुखर्जी स्मृति व्याख्यान में पढ़े गए एक संदेश मेंए कहा कि अद्वितीय बौद्धिक क्षमताओं से युक्तए भारत रत्न प्रणब मुखर्जी ने देश की प्रगति में उल्लेखनीय योगदान दिया। प्रधानमंत्री ने कहा  दूरदर्शी  राजनेता प्रणब मुखर्जी की राजनीतिक स्पेक्ट्रम में व्यापक सम्मान और प्रशंसा की जाती थी। एक प्रतिष्ठित सांसद के रूप में उनके भाषण बेहतरीन गुणवत्ता के थे जो विभिन्न मुद्दों पर उनकी पकड़ को दर्शाता है। पीएम मोदी ने कहा कि अपने उत्कृष्ट सार्वजनिक जीवन के दौरानए दशकों से अधिक समय तक उन्होंने प्रशासनिक कौशल के साथ हमेशा विभिन्न जिम्मेदारियों को निभाया। भारत के राष्ट्रपति के रूप में प्रणब मुखर्जी ने सर्वोच्च परंपराओं को कायम रखा हमारे देश के लोकतांत्रिक ताने.बाने को और मजबूत किया। पीएम मोदी ने कहा कि प्रणब मुखर्जी ने राष्ट्रपति भवन को लोगों के लिए और भी अधिक सुलभ बनाया। उन्होंने कहा मै धन्य हूं कि मुझे हमेशा प्रणब दा का मार्गदर्शन और समर्थन मिला। मुझे कई नीतिगत मामलों पर उनके व्यावहारिक सलाह याद है। प्रधानमंत्री ने कहा कि चूंकि देश आजादी के अमृत महोत्सव का जश्न मना रहा है ऐसे में संविधान में निहित लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए प्रणब मुखर्जी की श्रद्धा को याद करना ही उचित होगा। यह देखते हुए कि प्रणब मुखर्जी लिगेसी फाउंडेशन द्वारा पहला वार्षिक प्रणब मुखर्जी स्मृति व्याख्यान आयोजित किया जा रहा था मोदी ने इस पहल की सफलता की कामना की। पहले वार्षिक प्रणब मुखर्जी स्मृति व्याख्यान में वर्चुअली  दी गई अपनी टिप्पणी में बांग्लादेश की प्रधान मंत्री शेख हसीना ने याद किया कि एक युवा सांसद के रूप में प्रणब मुखर्जी ने बांग्लादेश के समर्थन में एक साहसिक पहल की और जून 1971 में राज्य सभा में एक प्रस्ताव पेश किया। शेख हसीना ने कहा  प्रणब मुखर्जी के निधन ने उपमहाद्वीप के बौद्धिक और राजनीतिक क्षेत्र में एक खालीपन पैदा कर दिया है। उन्हें क्षेत्र की आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा के रूप में याद किया जाएगा। भूटानी राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने कहा  मुखर्जी ने भूटान और भारत के बीच उत्कृष्ट संबंधों को और मजबूत करने में बहुत योगदान दिया। उनका मेरे पिता चौथे राजा के साथ एक लंबा और घनिष्ठ संबंध था और उन्होंने दोस्ती का घनिष्ठ संबंध विकसित किया। उन्होंने कहा मेरे पिता और मैं हमेशा स्नेह और सम्मान के साथ श्री प्रणब मुखर्जी को एक स्नेही इंसान एक बुद्धिमान राजनेता और भूटान के एक बहुत अच्छे दोस्त के रूप में याद करेंगे।
 

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