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संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत लियोंस ने यूएनएससी को दी जानकारी /10 Sep 2021 04:27 AM/    133 views

तालिबानियों ने काबुल में यूएन दफ्तर में घुस कर की लूटपाट स्टाफ को पीटा

 
न्यूयार्क । अफगानिस्‍तान स्थित संयुक्‍त राष्‍ट्र कार्यालय में काम करने वाले अफगान नागरिकों को लगातार तालिबान की धमकियां मिल रही हैं। अफगानिस्‍तान में संयुक्‍त राष्‍ट्र संघ के विशेष दूत डेबोराह लियोंस ने सुरक्षा परिषद को यह जानकारी दी है। उन्‍होंने बताया कि 10 से 25 अगस्‍त के दौरान इस तरह की घटनाएं काफी बढ़ गई हैं। डेबोराह लियोंस ने सुरक्षा परिषद को बताया कि यूएन के अफगान कर्मचा‍री बेहद मुश्किल हालात में अपने काम को अंजाम देने में जुटे हैं। उन्होंने बताया कि संयुक्‍त राष्‍ट्र को अफगानिस्तान में अपने काम को अंजाम देने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सीधे कहा जाए तो वहां पर काम करने वाले अफगानियों के जीवन पर संकट है। उन्‍होंने संयुक्‍त राष्‍ट्र को बताया कि तालिबान के काबुल में आने से कुछ दिन पहले और कुछ दिनों के बाद हालातों में काफी बदलाव आ गया है। कर्मचारियों को धमकाने और उनके साथ अभद्रता करने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। तालिबान के कब्‍जे के बाद संयुक्‍त राष्‍ट्र कार्यालय में लूटपाट और वहां मौजूद कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई। उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। लियोंस ने बताया कि संयुक्‍त राष्‍ट्र कर्मचारी स्‍वतंत्र रूप से कहीं भी आ जा नहीं सकते हैं। उनकी सुरक्षा का यह हाल तब है जब तालिबान के नेता लगातार अपने बयानों में कह रहे हैं कि वे किसी को परेशान नहीं करेंगे और सभी के अधिकारों का सम्‍मान और रक्षा की जाएगी। तालिबान के आने के बाद उनके द्वारा दी जा रही धमकियों की एक दर्जन से अधिक घटनाएं सामने आई हैं। यूएस डिप्‍लोमेट जेफरे डे लारें‍टिस ने बताया कि इस तरह की कई खबरें और रिपोर्ट सामने आई हैंए जिनमें तालिबान आतंकियों द्वारा लोगों को धमकाया गया है। ये घटनाएं किसी एक ही जगह से नहीं बल्कि लगभग पूरे अफगानिस्‍तान से सामने आई हैं। ऐसी घटनाएं बर्दाश्‍त नहीं की जा सकती। लियोंस ने बताया कि संयुक्‍त राष्‍ट्र को हर जगह सम्‍मान की निगाह से देखा जाता रहा हैए लेकिन कुछ जगह इसके अपवाद भी देखने को मिले हैं। तालिबान संयुक्‍त राष्‍ट्र में काम करने वाली महिला कर्मचारियों को भी आफिस में आने की इजाजत नहीं दे रहा है। लियोंस ने बताया कि अफगानियों को उनकी मदद की दरकार है और वे वहां हर हाल में अपने काम को अंजाम देना चाहते हैं लेकिन अब हालात बेहद खराब हो गए हैं। ऐसे में कर्मचारियों को काम करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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