Friday, May 29

यज्ञ से ही कोरोना का उपचार हैं संभव।

0
59Shares

शारीरिक रोगों के साथ ही मानसिक रोगों मनोविकृतियों से उत्पन्न विपन्नता से छुटकारा पाने के लिए यज्ञ चिकित्सा से बढ़कर अन्य कोई उपयुक्त उपाय-उपचार नहीं है। विविध अध्ययन, अनुसंधानों एवं प्रयोग परीक्षणों द्वारा ऋषि प्रणीत यह तथ्य अब सुनिश्चित होता जा रहा है। यज्ञोपैथीः यह एक समग्र चिकित्सा की विशुद्ध वैज्ञानिक पद्धति है, जो एलोपैथी, होम्योपैथी आदि की तरह सफल सिद्ध हुई है। ब्रह्मवर्चस ने लिखा है, ‘भिन्न-भिन्न रोगों के लिए विशेष प्रकार की हवन सामग्री प्रयुक्त करने पर उनके जो परिणाम सामने आए हैं, वे बहुत ही उत्साह जनक हैं। यज्ञोपैथी में इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है, कि आयुर्वेद में जिस रोग की जो औषधि बताई गई है, उसे खाने के साथ ही उन वनौषधियों को पलाश, उदुम्बर, आम, पीपल आदि की समिधाओं के साथ नियमित रूप से हवन किया जाता रहे, तो कम समय में अधिक लाभ मिलता है।

कोरोना वायरस से बचने के लिए इन ओषधियों से बनाई हवन सामग्री-

आम की लकड़ी, लौंग, ईलाची, कपूर, गोला, जायफल, हल्दी, पीली सरसों, लौभान, गंधक, चीनी या भूरा, गिलोय, देशी घी, सफेद चंदन, आवंला, नीम की पत्तियां या छाल आदि। उपरोक्त सब सामग्री को समान मात्रा में मिला कर उपयोग करें। उपरोक्त सूची में से अधिकतम सामग्री आसानी से उपलब्ध हो जिसका औषधियुक्त हवन सामग्री बनाने में उपयोग किया जा सकता है। औषधीय हवन सामग्री जिसमें कपूर, गौघृत अवश्य हो, इसमें जो भी सामान आपको आसानी से मिल सकें वह ले।

इन मंत्रों के साथ हवन में आहुतियां डालें….

ओम आग्नेय नमः स्वाहा… 

ओम गणेशाय नमः स्वाहा…

ओम गौरियाय नमः स्वाहा…

ओम नवग्रहाय नमः स्वाहा…

ओम दुर्गाय नमः स्वाहा…

ओम महाकालिकाय नमः स्वाहा…

ओम हनुमतंे नमः स्वाहा…

ओम भैरवाय नमः स्वाहा…

ओम कुल देवताय नमः स्वाहा…

ओम स्थान देवताय नमः स्वाहा…

ओम ब्रह्माय नमः स्वाहा…

ओम विष्णुवे नमः स्वाहा…

ओम शिवाय नमः स्वाहा…

ओम जयंती मंगलाकाली, भद्रकाली कपालिनी दुर्गा क्षमा शिवाधात्री स्वाहा।

साथ ही गायत्री की 11 माला एवं महामृत्युंजय मंत्र 51 आहुतियां अवश्य दी जायें।

इससे कम भी जितना आप सब आसानी से कर सकें। तत् पश्चात् आप अंतिम में सभी देवताओं को प्रणाम करके स्वयं की रक्षा करने इक इस कोरोना वायरस से मुक्ति की प्रार्थना करं आरती करें जगत पालनहार कल्याणकारी शिव जी की और हनुमान जी की।

                                                                                   ज्योतिषि एवम् वास्तु शास्त्री प्रिया शर्मा

 

Share.

Leave A Reply