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नाना के निधन पर इंडस्ट्री में शोक, बेटा भी पहुंचा गोवा

मुंबई। अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से पूरे हिंदी और मराठी फिल्म जगत के साथ-साथ उनके लाखों चाहने वालों में गहरे शोक की लहर दौड़ गई है। सिनेमाई दुनिया ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया है, जिसने अपने दमदार अभिनय और विशिष्ट व्यक्तित्व से दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बनाई थी। नाना पाटेकर का निजी जीवन भी सुर्खियों में रहा। उनकी पत्नी का नाम नीलकांति पाटेकर था, जिनसे उनकी शादी 1978 में हुई थी। नीलकांति ने बैंक में अधिकारी के तौर पर काम किया था और थिएटर से भी उनका गहरा जुड़ाव रहा था। अभिनय में उनकी खास दिलचस्पी थी और उन्होंने मराठी थिएटर में सक्रिय रूप से काम भी किया।

शादी के बाद नाना के संघर्ष के शुरुआती दिनों में नीलकांति ने उनका पूरा साथ दिया और हर कदम पर उनके साथ खड़ी रहीं। हालांकि, बाद में दोनों अलग-अलग रहने लगे थे, लेकिन नाना ने अपने एक पुराने इंटरव्यू में इस बात का जिक्र किया था कि अलग रहने के बावजूद उनके बीच हमेशा सम्मान और एक अच्छा रिश्ता बना रहा। यह उनके परिपक्व संबंधों का परिचायक था। नाना पाटेकर और नीलकांति पाटेकर के बेटे का नाम मल्हार पाटेकर है। मल्हार फिल्ममेकिंग से जुड़े हुए हैं और अपने पिता के प्रोडक्शन से जुड़े कई कामों को भी संभालते रहे हैं। नाना के निधन की खबर मिलते ही मल्हार गोवा के लिए पहुंच गए हैं, ताकि वे अपने पिता को अंतिम विदाई दे सकें और परिवार के साथ इस दुखद घड़ी में रह सकें। नाना और नीलकांति का एक और बेटा भी था, दुर्वासा, जिसका बचपन में ही, करीब ढाई साल की उम्र में बीमारी के चलते निधन हो गया था।

यह नाना पाटेकर के लिए एक बहुत बड़ा व्यक्तिगत दुख था। उन्होंने कई मौकों पर अपने इस बेटे को खोने के दर्द के बारे में खुलकर बात की थी। उन्होंने बताया था कि बेटे की छोटी सी जिंदगी ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया और जीवन के प्रति उनके नजरिए को काफी हद तक बदल दिया था। नाना पाटेकर का निधन भारतीय सिनेमा के लिए एक अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई करना मुश्किल होगा।


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