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यूपी में नकली और पुराने नोटों के नेटवर्क का भंडाफोड़

हापुड। उत्तर प्रदेश में जाली करेंसी और पुराने, बंद हो चुके नोटों के बड़े पैमाने पर नेटवर्क का खुलासा हुआ है। हाल ही में जहां एक ओर बैंकों में 17 करोड़ से अधिक के नकली नोटों की जांच चल रही है, वहीं अब हापुड़ में 1.43 करोड़ रुपये मूल्य के पुराने, बंद हो चुके नोट बरामद किए गए हैं। हापुड़ देहात पुलिस ने यह बड़ी सफलता ततारपुर चौकी क्षेत्र में स्थित एक पेट्रोल पंप के पास हासिल की, जब चेकिंग अभियान के दौरान एक संदिग्ध बाइक सवार को रोका गया। पुलिस के रोकने पर युवक ने भागने का प्रयास किया, लेकिन घेराबंदी कर उसे धर दबोचा गया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से भारी मात्रा में बंद हो चुके पुराने नोटों के बंडल बरामद हुए, जिनकी कुल धनराशि करीब 1.43 करोड़ रुपये आंकी गई है।

पुलिस ने तत्काल युवक को गिरफ्तार कर लिया, जिसकी पहचान गाजियाबाद जनपद के मुरादनगर और हाल निवासी नंद ग्राम के देवेंद्र के रूप में हुई है। थाना हापुड़ देहात प्रभारी पारस मलिक ने बताया कि उनकी टीम वाहनों की जांच कर रही थी, जब यह संदिग्ध पकड़ा गया। नोटबंदी के कई साल बाद इतनी बड़ी संख्या में पुराने नोटों की बरामदगी से प्रशासन और जांच एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अब आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता चल सके कि यह भारी-भरकम धनराशि किसकी है, और इन बंद हो चुके नोटों को बदलने या खपाने के पीछे क्या योजना थी।

पुलिस इस बात पर भी पैनी नजर रख रही है कि कहीं इसके पीछे कोई संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं है, जो ऐसे नोटों को बाजार में फिर से लाने का प्रयास कर रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, आयकर विभाग और अन्य संबंधित वित्तीय जांच एजेंसियों को भी इसकी सूचना दे दी गई है। विभिन्न बिंदुओं पर गहराई से जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब सहारनपुर के पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी में 17 करोड़ से अधिक के नकली नोटों के जखीरे की जांच अभी भी जारी है। उस मामले में कई गिरफ्तारियां हुई हैं, लेकिन अभी तक उसका पूरी तरह से खुलासा नहीं हो सका है। इन दोनों घटनाओं से स्पष्ट होता है कि उत्तर प्रदेश में करेंसी से जुड़े अवैध नेटवर्क सक्रिय हैं जिनकी जड़ें खोदना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।


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