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2000 पाउंड के ‘बंकर-बस्टर’ बमों से ईरान के ठिकाने तबाह

वाशिंगटन। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच टकराव और तेज हो गया है। ताजा जानकारी के मुताबिक, अमेरिका ने इस्फहान में एक बड़े हथियार गोदाम को निशाना बनाते हुए 2000 पाउंड (करीब 907 किलोग्राम) के ‘बंकर-बस्टर’ बमों से हमला किया है। इस कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना बताया जा रहा है। 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले में अत्याधुनिक पेनेट्रेटर म्यूनिशन का इस्तेमाल किया गया, जो जमीन के भीतर गहराई तक बने कंक्रीट संरक्षित ठिकानों को भी भेदने में सक्षम होते हैं। बताया जा रहा है कि हमले में इस्फहान स्थित एक अहम गोला-बारूद डिपो को गंभीर नुकसान पहुंचा है। इससे पहले भी 7-8 मार्च को इसी क्षेत्र में हमले किए गए थे। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों का कहना है कि ‘बंकर-बस्टर’ बम विशेष रूप से भूमिगत सैन्य ठिकानों को नष्ट करने के लिए डिजाइन किए जाते हैं। इनकी क्षमता इतनी अधिक होती है कि ये मजबूत कंक्रीट संरचनाओं को भेदकर अंदर विस्फोट करते हैं, जिससे व्यापक तबाही होती है। 

हमले के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस घटना से जुड़ा एक वीडियो साझा किया। वीडियो में रात के अंधेरे में जोरदार धमाके, आग की लपटें और आसमान में उठता धुएं का गुबार साफ नजर आ रहा है। इन विस्फोटों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस हमले के बाद क्षेत्र में पहले से जारी तनाव और बढ़ सकता है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच टकराव की स्थिति पहले ही गंभीर बनी हुई है, और इस तरह की सैन्य कार्रवाई से हालात और जटिल हो सकते हैं।

हालांकि, इस हमले में हुए वास्तविक नुकसान या हताहतों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। वहीं, इस्फहान में हुए धमाकों ने ईरान की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।


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