Search

Shopping cart

Saved articles

You have not yet added any article to your bookmarks!

Browse articles

अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर किया जोरदार हमला

वॉशिंगटन। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी वायुसेना और नौसेना के लड़ाकू विमानों ने ईरान के बंदर अब्बास, जास्क और केशम द्वीप पर भीषण बमबारी की है। इस कार्रवाई के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बयान जारी कर कहा कि उनका मिशन पूरा हो गया है। अमेरिका का दावा है कि यह हमला पूरी तरह आत्मरक्षा (सेल्फ डिफेंस) में और एक दिन पहले मार गिराए गए अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर का बदला लेने के लिए किया गया था।

यह पूरी कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे के बाद हुई, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया है। राष्ट्रपति के आदेश पर अमेरिकी सेना ने मंगलवार, 9 जून को इस जवाबी सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया। हालांकि, ईरान ने अमेरिकी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरानी प्रशासन का कहना है कि उन्होंने किसी भी अमेरिकी हेलीकॉप्टर को निशाना नहीं बनाया और अमेरिका ने इस झूठी घटना को महज एक बहाना बनाकर ईरान पर जानबूझकर हमला किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, इस ऑपरेशन में वायुसेना और नौसेना के आधुनिक लड़ाकू विमानों ने सटीक निशाना लगाने वाले प्रिसिजन म्यूनिशन का इस्तेमाल किया। अमेरिकी हमलों में मुख्य रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास स्थित ईरानी एअर डिफेंस सिस्टम, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशनों और सर्विलांस रडार साइट्स को तबाह कर दिया गया।

अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि यह सैन्य कार्रवाई न केवल हेलीकॉप्टर गिराए जाने के जवाब में थी, बल्कि पिछले कुछ समय से अमेरिकी सैनिकों और इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों (इंटरनेशनल कॉमर्शियल शिप्स) पर हो रहे लगातार हमलों का मुंहतोड़ जवाब है। सेंटकॉम ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी सेना क्षेत्र में पूरी तरह सतर्क है और ईरान की तरफ से होने वाली किसी भी अगली हिमाकत का जवाब देने के लिए मुस्तैद है। इस हमले के बाद से पूरे खाड़ी क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति बन गई है।

Comments (0)

Leave a Comment