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बाजारों पर व्यापक असर की संभावना

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में दुकानों की सीलिंग के विरोध में गुरुवार को कारोबारियों ने शहर बंद का ऐलान किया है। इस बंद को सफल बनाने के लिए 655 व्यापारिक संगठनों और व्यापार संघों ने एकजुट होकर समर्थन दिया है। सुबह पांच बजे से ही संयुक्त व्यापार संघ के पदाधिकारी बाजारों में सक्रिय होकर बंद को प्रभावी बनाने में जुट गए। 

बंद को संगठित ढंग से लागू करने के लिए 27 टीमें बनाई गईं, जो अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर दुकानों को बंद रखने की अपील कर रही हैं। इस दौरान शहर के अधिकांश बाजार और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहने का दावा किया जा रहा है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है। हालांकि, आवश्यक सेवाओं को इस बंद से बाहर रखा गया है। दूध, ब्रेड जैसी जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति जारी रहेगी और परिवहन सेवाएं भी सामान्य रूप से संचालित होंगी। वहीं दवा दुकानों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है, जबकि निजी अस्पतालों में सुबह की ओपीडी सेवाएं बंद रहेंगी। इसके बावजूद आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं चालू रहेंगी। पेट्रोल पंप दोपहर तीन बजे तक बंद रखे जाएंगे। गैस एजेंसियों के शटर बंद रहेंगे, लेकिन ऑनलाइन बुकिंग के चलते घरेलू गैस की आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी। इस बंद को जिला बार एसोसिएशन, पेट्रोल पंप एसोसिएशन और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) का भी समर्थन प्राप्त है। 

गौरतलब है कि बुधवार को आवास विकास परिषद की टीम ने सेंट्रल मार्केट में 44 अवैध व्यावसायिक निर्माणों के खिलाफ सीलिंग अभियान चलाया था। इस दौरान भारी पुलिस बल की मौजूदगी में व्यापारियों और प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। विरोध के दौरान एक व्यापारी को हार्ट अटैक आने की भी सूचना है। व्यापारियों का आरोप है कि उन्होंने पहले ही करीब 70 करोड़ रुपये परिषद में जमा कराए हैं, ऐसे में बिना राशि लौटाए की गई सीलिंग कार्रवाई अन्यायपूर्ण है। इसी के विरोध में उन्होंने मेरठ बंद का आह्वान किया।


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