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बारिश के कारण किसानों की बढ़ी चिंता

नई दिल्ली । मार्च का महीना, जो आमतौर पर हल्की गर्मी और बसंत की आहट लेकर आता है, इस बार मानसून जैसा व्यवहार कर रहा है। उत्तर और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में अचानक हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने न केवल मौसम का मिजाज बदल दिया है, बल्कि कड़ाके की ठंड की भी वापसी करा दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवातीय परिसंचरण के सक्रिय होने के कारण मौसम में यह नाटकीय बदलाव आया है।

देश की राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में बादलों की आवाजाही जारी है। ठंडी हवाओं के चलने से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को समय से पहले शुरू हुई गर्मी से बड़ी राहत मिली है। वहीं, उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों जैसे आगरा और मेरठ में हल्की बारिश का अनुमान है। हालांकि, पूर्वांचल के जिलों में फिलहाल मौसम के शांत रहने की उम्मीद है, लेकिन विभाग ने सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि अगले कुछ दिनों तक यह सिस्टम सक्रिय रहेगा, जिससे देश के लगभग 15 राज्यों में बारिश की आशंका बनी हुई है। इस बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि ने सबसे ज्यादा किसानों की कमर तोड़ दी है। खेतों में खड़ी फसलें बिछ गई हैं, जिससे भारी नुकसान का अंदेशा है। विभाग के मुताबिक, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड जैसे राज्यों में 50 से 60 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो वज्रपात (बिजली गिरने) के खतरे को भी बढ़ा रही हैं।

पहाड़ों पर भूस्खलन और बर्फबारी

मैदानी इलाकों में बारिश है तो पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेशकृमें स्थिति गंभीर बनी हुई है। बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के रोपडू गांव में रविवार को भीषण भूस्खलन के बाद स्थिति संवेदनशील हो गई है। यहाँ कोटली उपमंडल में पहाड़ का मलबा गिरने से एक गौशाला क्षतिग्रस्त हो गई और नौ घरों को तुरंत खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पहाड़ी पर चल रहे कटान के काम की वजह से यह खतरा पैदा हुआ है। मौसम विभाग का कहना है कि ऊंचे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की भी संभावना है। वातावरण में नमी और हवाओं की गति को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। फिलहाल, मार्च के इस मानसूनी अवतार ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।

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