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बच्चे टूथपेस्ट निगलने से होगा मतिष्क पर नकारात्मक असरः शोध

नई दिल्ली । यदि बच्चे टूथपेस्ट को निगलते हैं या लंबे समय तक मुंह में रखते हैं, तो इससे उनके मस्तिष्क के विकास पर नकारात्मक असर पड़ सकता है और उनका आईक्यू स्तर प्रभावित हो सकता है। वैज्ञानिकों ने यह दावा किया है ताजा अध्ययन में। इस शोध के अनुसार, टूथपेस्ट में मौजूद फ्लोराइड की अधिक मात्रा बच्चों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। रिपोर्ट में बताया गया है कि छोटे बच्चे ब्रश करते समय अक्सर टूथपेस्ट को पूरी तरह थूक नहीं पाते और अनजाने में उसे निगल जाते हैं। यदि यह आदत नियमित हो जाए, तो शरीर में फ्लोराइड का स्तर बढ़ने लगता है। 

विशेषज्ञों के मुताबिक, जरूरत से ज्यादा फ्लोराइड न केवल दांतों पर सफेद धब्बे यानी डेंटल फ्लोरोसिस का कारण बनता है, बल्कि यह एक न्यूरोटॉक्सिन की तरह भी काम कर सकता है, जो बच्चों की सीखने की क्षमता और मानसिक विकास को प्रभावित करता है। फ्लोराइड आमतौर पर दांतों की सुरक्षा के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन इसकी अधिकता शरीर के लिए हानिकारक हो सकती है। ज्यादा मात्रा में फ्लोराइड जाने से डेंटल फ्लोरोसिस के साथ-साथ स्केलेटल फ्लोरोसिस जैसी गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं, जिसमें हड्डियां असामान्य रूप से सख्त हो जाती हैं। इस स्थिति को ऑस्टियोस्क्लेरोसिस कहा जाता है, जिसमें टेंडन और लिगामेंट्स में कैल्शियम जमने लगता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दुनिया भर में अरबों लोग दांतों की समस्याओं से जूझ रहे हैं, जिनमें बच्चों की बड़ी संख्या शामिल है। वहीं नेशनल टाक्सीकोलॉजी प्रोग्राम के हवाले से कहा गया है कि यदि पानी में फ्लोराइड का स्तर 1.5 एमजी/एल से अधिक हो, तो यह बच्चों के कम आईक्यू से जुड़ा हो सकता है। 

इस अध्ययन में 74 शोधों का विश्लेषण किया गया, जिसमें पाया गया कि फ्लोराइड के स्तर में वृद्धि के साथ बच्चों के आईक्यू में गिरावट देखी गई। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल टूथपेस्ट ही इस समस्या का कारण नहीं है, बल्कि कुल मिलाकर फ्लोराइड के संपर्क का स्तर महत्वपूर्ण होता है। इसमें फ्लोराइड युक्त पानी, खाद्य पदार्थ और अन्य स्रोत भी शामिल हैं। खासतौर पर छोटे बच्चों में यह जोखिम अधिक होता है, क्योंकि वे अनजाने में टूथपेस्ट निगल सकते हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि माता-पिता बच्चों के ब्रश करने के दौरान निगरानी रखें। तीन साल से कम उम्र के बच्चों के लिए चावल के दाने जितना और तीन से छह साल के बच्चों के लिए मटर के दाने जितना टूथपेस्ट ही पर्याप्त माना जाता है। बच्चों को यह सिखाना जरूरी है कि वे टूथपेस्ट को निगलें नहीं, बल्कि थूक दें। 


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