https://www.effectivegatecpm.com/ruyi5vbj?key=df8d2c25e07fd4036616aa1f33a8122f

Search

Shopping cart

Saved articles

You have not yet added any article to your bookmarks!

Browse articles

भारत और इजरायल के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर वार्ता शुरू

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय इजरायल यात्रा से ठीक पहले भारत और इजरायल ने अपने द्विपक्षीय व्यापारिक रिश्तों को ऐतिहासिक ऊंचाई पर ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। दोनों देशों ने वाणिज्यिक संबंधों को मजबूत करने और निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए औपचारिक बातचीत का पहला दौर शुरू कर दिया है। मंगलवार को जारी एक आधिकारिक बयान में इस महत्वपूर्ण प्रगति की पुष्टि की गई। यह वार्ता ऐसे समय में हो रही है जब भारत वैश्विक स्तर पर कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ व्यापार समझौतों को अंतिम रूप दे रहा है, जिससे भारतीय निर्यातकों और निवेशकों के लिए नई राहें खुल रही हैं।

वाणिज्य मंत्रालय द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, भारत-इजरायल मुक्त व्यापार समझौते के लिए बातचीत का यह दौर 23 फरवरी, 2026 को नई दिल्ली में शुरू हुआ, जो 26 फरवरी तक जारी रहेगा। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी दोनों देशों के बीच आठ दौर की चर्चा हो चुकी थी, लेकिन अक्टूबर 2021 के बाद यह प्रक्रिया किन्हीं कारणों से रुक गई थी। अब लगभग साढ़े चार साल के अंतराल के बाद दोनों पक्षों ने फिर से मेज पर आकर इस प्रक्रिया को गति देने का निर्णय लिया है। पिछले साल नवंबर में दोनों देशों ने इस समझौते की शर्तों (टीओआर) पर हस्ताक्षर कर अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की थी।

इस चार दिवसीय वार्ता में दोनों देशों के तकनीकी विशेषज्ञ विभिन्न सत्रों में भाग ले रहे हैं। इन सत्रों का मुख्य एजेंडा मुक्त व्यापार समझौते के तकनीकी पहलुओं, नियमों और प्रक्रियात्मक ढांचे पर चर्चा करना है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव अजय भादू कर रहे हैं, जबकि इजरायली पक्ष का नेतृत्व वहां की वरिष्ठ निदेशक यिफ़ात अलोन पेरेल द्वारा किया जा रहा है। इस समझौते का प्राथमिक उद्देश्य व्यापार वाली अधिकांश वस्तुओं पर आयात शुल्क को या तो पूरी तरह समाप्त करना है या न्यूनतम स्तर पर लाना है, ताकि दोनों देशों के बीच माल और सेवाओं का आदान-प्रदान सुगम हो सके। व्यापारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार में गिरावट दर्ज की गई थी। भारत से इजरायल को होने वाला निर्यात 52 प्रतिशत घटकर 2.14 अरब डॉलर रह गया था, वहीं आयात भी 26.2 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1.48 अरब डॉलर पर सिमट गया था। ऐसे में इस प्रस्तावित एफटीए को व्यापारिक घाटे को पाटने और आपसी निवेश को पुनर्जीवित करने के लिए एक संजीवनी के रूप में देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान इस समझौते की प्रगति पर चर्चा होने की पूरी संभावना है, जिससे आने वाले समय में दोनों देशों के रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को एक नया आयाम मिलेगा।


Comments (0)

Leave a Comment