Search

Shopping cart

Saved articles

You have not yet added any article to your bookmarks!

Browse articles

भारत स्मार्टफोन उत्पादन बढ़ाने नई योजना पर विचार

नई दिल्ली । भारत सरकार स्मार्टफोन निर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक नई उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना लाने पर विचार कर रही है। मौजूदा योजना 31 मार्च को समाप्त हो रही है

इस बार वित्तीय प्रोत्साहन मुख्य रूप से घरेलू मूल्यवर्धन से जोड़ा जाएगा, जिससे स्थानीय विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिलेगी। 2020 में शुरू हुई पांच साल की मौजूदा पीएलआई योजना के तहत कंपनियों को वृद्धिशील निवेश और उत्पादन मूल्य लक्ष्य पूरा करने पर 4-6 फीसदी तक प्रोत्साहन मिलता रहा। हालांकि निर्यात और प्रत्यक्ष रोजगार पर नजर रखी जाती रही, पर इन्हें अनिवार्य नहीं माना गया। योजना का कुल बजट 34,193 करोड़ रुपये था, लेकिन वास्तविक भुगतान लगभग 20,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। ऐपल के आपूर्तिकर्ता टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और फॉक्सकॉन, साथ ही सैमसंग और डिक्सन टेक्नॉलजीज (इंडिया) इसका बड़ा हिस्सा प्राप्त करेंगे। सरकार को उम्मीद थी कि घरेलू मूल्यवर्धन वित्त वर्ष 2026 तक 35-40 फीसदी तक बढ़ेगा, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह केवल 18-20 फीसदी रह सकता है।

2020 में गलवान सीमा विवाद और प्रेस नोट 3 लागू होने के बाद चीन से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश पर रोक लग गई, जिससे चीन की कलपुर्जा कंपनियों का भारत में प्रवेश प्रभावित हुआ। इसके परिणामस्वरूप ऐपल ने चीन आधारित आपूर्तिकर्ताओं को भारत लाने की योजना छोड़ दी और स्थानीय व दूसरे देशों की कंपनियों के साथ आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने का विकल्प चुना। ऐपल ने अब भारत में लगभग 40 कंपनियों के साथ आपूर्ति श्रृंखला बनाई है। इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का मानना है कि नई पीएलआई योजना से न सिर्फ भारत आत्मनिर्भर होगा, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक कलपुर्जा के क्षेत्र में बड़ा निर्यातक भी बनेगा। सरकार ने पहले ही एक बड़ी इलेक्ट्रॉनिक्स कलपुर्जा विनिर्माण योजना शुरू कर दी है ताकि स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला मजबूत हो।

Comments (0)

Leave a Comment