Search

Shopping cart

Saved articles

You have not yet added any article to your bookmarks!

Browse articles

डॉ. बसंत गोयल को लोकसभा में श्री ओम बिरला द्वारा सम्मानित किया गया

नई दिल्ली: एक अत्यंत गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला जब डॉ बसंत गोयल, सीईओ एवं संस्थापक गोयल मेडिकोज को ओम बिरला माननीय लोकसभा अध्यक्ष द्वारा स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान पावन पर्व बैसाखी के अवसर पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान प्रदान किया गया, जिसका आयोजन लोकसभा कर्मचारी संघ द्वारा गांधी मंडेला फाउंडेशन के सहयोग से किया गया। यह भव्य आयोजन जीएमसी बालयोगी सभागार में सम्पन्न हुआए जिसमें देश के कई प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।

डॉ बसंत गोयल के लिए यह क्षण विशेष रूप से ऐतिहासिक रहाए क्योंकि यह भारत की संसद में उन्हें प्राप्त पहला सम्मान है। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है बल्कि यह उनके द्वारा समाज सेवाए स्वास्थ्य क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान तथा निरंतर परिश्रम का प्रतीक भी है।


डॉ गोयल ने इस सम्मान को प्राप्त करते हुए माननीय अध्यक्ष श्री ओम बिरला के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि यह सम्मान उन्हें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को और अधिक समर्पण एवं प्रतिबद्धता के साथ निभाने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने यह भी कहा कि वे भविष्य में भी समाज के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।

इस अवसर पर आयोजित बैसाखी समारोह ने एकता, समृद्धि और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया। संसद जैसे प्रतिष्ठित मंच पर इस प्रकार का सम्मान दिया जाना इस बात का प्रतीक है कि देश में ऐसे व्यक्तित्वों को पहचान मिल रही हैए जो समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

डॉ बसंत गोयल ने अपने करियर में स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। गोयल मेडिकोज के माध्यम से उन्होंने न केवल मरीजों को बेहतर सेवाएँ प्रदान की हैं बल्कि समाज के कमजोर वर्गों के लिए भी समय.समय पर स्वास्थ्य संबंधी सेवाएँ उपलब्ध कराई हैं। उनका उद्देश्य हमेशा से ही श्सेवा ही सर्वोच्च धर्म है की भावना के साथ कार्य करना रहा है।

इस सम्मान ने उनके कार्यों को और अधिक प्रोत्साहन दिया है तथा समाज में उनके योगदान को एक नई पहचान प्रदान की है। यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।


निष्कर्ष

 भारत की संसद में मिला यह सम्मान डॉ बसंत गोयल के समर्पणए नेतृत्व और समाज सेवा के प्रति उनके अटूट संकल्प का प्रमाण है। बैसाखी के इस पावन अवसर पर मिला यह सम्मान न केवल उनके लिएए बल्कि पूरे समाज के लिए गर्व का विषय है।


Comments (0)

Leave a Comment