Search

Shopping cart

Saved articles

You have not yet added any article to your bookmarks!

Browse articles

देश के 12 राज्यों में पैठ और सोलर कैमरों से रेकी का खुलासा

नई दिल्ली। भारतीय खुफिया एजेंसियों और एटीएस ने एक ऐसे खतरनाक आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जिसके तार सीमा पार पाकिस्तान और आईएसआई से जुड़े हैं। जांच में सामने आया है कि आईएसआई और विभिन्न आतंकी संगठन देश के दर्जनभर राज्यों में हाइब्रिड आतंकी तैयार कर रहे हैं। ये वे लोग हैं जिनका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, जिससे स्थानीय स्तर पर वारदातों को अंजाम देना और सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचना आसान हो जाता है। दिल्ली-एनसीआर में सोलर कैमरों के जरिए संवेदनशील इलाकों की रेकी करने से लेकर अंबाला में आरडीएक्स की सप्लाई तक, इस मॉड्यूल के मंसूबे बेहद खौफनाक थे।

इस पूरे मामले की कड़ी तब जुड़ी जब एसटीएफ और खुफिया एजेंसियों ने अंबाला में आरडीएक्स के साथ तीन आरोपियोंकृअकबर अली (अजमेर), अनस (मेरठ) और जगबीर (अंबाला) को दबोचा। ये तीनों पाकिस्तानी गैंगस्टर और आईएसआई एजेंट शहजाद भट्टी के सीधे संपर्क में थे। इसी दौरान गाजियाबाद के कौशांबी से सुहेल मलिक समेत छह अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि सुहेल ने पाकिस्तानी हैंडलर्स के इशारे पर दिल्ली और आसपास के इलाकों में सोलर कैमरे लगवाए थे ताकि वीआईपी मूवमेंट्स और संवेदनशील जगहों की लाइव रेकी की जा सके। इस मॉड्यूल से जुड़े अब तक नौ आरोपी पकड़े जा चुके हैं, जिनमें पांच किशोर भी शामिल हैं, जो इस बात का संकेत है कि युवाओं को किस तरह बरगलाया जा रहा है। खुफिया एजेंसियों के अनुसार, इस नेटवर्क के फुटप्रिंट्स बिहार, झारखंड, आंध्र प्रदेश, केरल, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और कश्मीर जैसे 12 से अधिक राज्यों में फैले हुए हैं। हाल ही में गिरफ्तार नौशाद, जो बिहार का रहने वाला है, इस गिरोह का अहम हिस्सा पाया गया। उसे झारखंड के देवघर स्थित प्रसिद्ध मंदिर और दिल्ली कैंट जैसे संवेदनशील स्थानों की वीडियो और लोकेशन पाकिस्तान भेजने का टास्क मिला था। इतना ही नहीं, जांच टीमें इस मॉड्यूल का संबंध रेल जिहाद से भी जोड़कर देख रही हैं। गाजियाबाद मॉड्यूल ने कई रेलवे स्टेशनों और मेट्रो-रैपिड स्टेशनों की वीडियो पाकिस्तान भेजने की बात स्वीकार की है। दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश के देवबंद में भी हलचल तेज रही। हाल ही में ईरान से पढ़ाई कर लौटे एक मौलाना को एटीएस ने हिरासत में लेकर करीब चार घंटे तक पूछताछ की। हालांकि, बाद में उन्हें छोड़ दिया गया

Comments (0)

Leave a Comment