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डीजीसीए ने चार्टर्ड प्लेन ऑपरेटर्स पर कसा शिकंजा

नई दिल्ली। देश में चार्टर्ड विमानों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटरों के लिए नियम सख्त कर दिए हैं। अब चार्टर्ड प्लेन और एयर एंबुलेंस सेवाएं देने वाली कंपनियों को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर विमान की मेंटेनेंस हिस्ट्री और उसकी उम्र से जुड़ी पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी होगी। नियामक ने स्पष्ट किया है कि किसी भी दुर्घटना या सुरक्षा चूक के लिए केवल पायलट को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाएगा, बल्कि ऑपरेटर की जवाबदेही भी तय की जाएगी। 

यह फैसला हाल के दिनों में दो चार्टर्ड विमानों के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटनाओं के बाद लिया गया है। झारखंड में एक चार्टर्ड विमान के क्रैश होने के बाद डीजीसीए ने मंगलवार को सभी नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटरों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में सुरक्षा मानकों की समीक्षा की गई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपायों पर चर्चा हुई।

डीजीसीए ने प्रस्ताव दिया है कि अब ऑपरेटरों को उनके सेफ्टी रिकॉर्ड के आधार पर रैंक किया जाएगा। यह रैंकिंग डीजीसीए की आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक की जाएगी, ताकि यात्री और चार्टर सेवाएं लेने वाले कॉर्पाेरेट या निजी ग्राहक संबंधित कंपनी का सुरक्षा इतिहास देख सकें। माना जा रहा है कि इस कदम से पारदर्शिता बढ़ेगी और ऑपरेटरों पर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने का दबाव बनेगा। 

नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर वे कंपनियां होती हैं जो नियमित समय-सारिणी के तहत कमर्शियल उड़ानें नहीं चलातीं। ये ऑपरेटर जरूरत, अनुबंध या बुकिंग के आधार पर चार्टर्ड सेवाएं प्रदान करते हैं। इनमें बिजनेस जेट, निजी विमान और एयर एंबुलेंस शामिल होते हैं। चूंकि इन सेवाओं का उपयोग अक्सर आपातकालीन या विशेष परिस्थितियों में किया जाता है, इसलिए सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन अत्यंत आवश्यक माना जाता है। 

नए निर्देशों के तहत ऑपरेटरों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि विमान के रखरखाव, निरीक्षण और पार्ट्स बदलने से संबंधित सभी रिकॉर्ड अद्यतन और सत्यापित हों। किसी भी तरह की लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है, जिसमें लाइसेंस निलंबन या रद्द करने जैसे कदम शामिल हो सकते हैं। एविएशन विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम चार्टर्ड विमानन क्षेत्र में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। 


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