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दक्षिणी लेबनान छोड़कर भागे 6 लाख लोगों को प्रवेश नहीं देगा

तेलअवीव । इजरायल ने ईरान के खिलाफ चल रही जंग के बीच अपने पड़ोस में ही खतरनाक प्लान पर काम शुरु किया है। इजरायल का कहना है कि वह दक्षिणी लेबनान के बड़े हिस्से पर कब्जा करेगा और यहां से भागे 6 लाख लोगों को प्रवेश नहीं देगा। उग्रवादी समूह हिजबुल्लाह के खिलाफ पहले ही इजरायल सक्रिय है और दक्षिणी लेबनान पर हमले कर रहा है। इससे बचने के लिए ही ये लोग भागे हैं, लेकिन अब इजरायल इनकी वापसी किसी भी कीमत पर नहीं चाहता। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज का कहना है कि उनकी सेना इस इलाके में एक सिक्योरिटी जोन तैयार करेगी। इसके माध्यम से वह हिजबुल्लाह पर पकड़ रखेगी और पूरा लेबनान निगरानी में रहेगा।

इजरायल का कहना है कि उसकी सीमा से लेकर लितानी नदी तक के इलाके को कब्जा करेगा। इससे उसकी मंशा समझ में आती है, क्योंकि उसकी सीमा से नदी की दूरी 30 किलोमीटर है। इस तरह एक बड़ा इलाका वह कब्जा लेगा। रक्षा मंत्री काट्ज का कहना है कि यहां से भागे 6 लाख लोगों को फिर प्रवेश नहीं दिया जाएगा, जब तक कि हालात नहीं सुधारते है। इसके अलावा इजरायल की सीमा पर स्थित घरों को भी ढहाने की बात कही गई है। इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान के साथ हुई जंग के बाद से ही हिजबु्ल्लाह को भी टारगेट किया है। इस ईरान समर्थित उग्रवादी समूह माना जाता है। इसके खिलाफ अभियान छेड़ते हुए इजरायल ने राजधानी बेरूत सहित दक्षिणी हिस्से पर जमकर हमले किए हैं। इन हमलों में अब तक 1250 लोग मारे गए हैं। इसके अलावा 10 लाख लोगों को लेबनान से भागना पडा है। इनमें से 6 लाख उसी एरिया से हैं, जिस पर इजरायल कब्जा करना चाहता है। यह पूरा मसला तब शुरू हुआ था, जब अयातुल्लाह अली खामनेई के मारे जाने के बाद हिजबुल्लाह ने बदला लेने की कोशिश कर इजरायल पर हमले किए थे। फिर इजरायल ने जवाबी प्रतिक्रिया में लेबनान को टारगेट किया है। हिजबुल्लाह, हूती और हमास को ईरान के समर्थन वाले उग्रवादी समूह माना जाता है।

हूती का बेस यमन में है, वहीं हिजबुल्लाह लेबनान में सक्रिय है। हमास लंबे समय से गाजा पट्टी में सक्रिय ही है। गौरतलब है कि इजरायल ने ईरान के साथ ही इन तीनों को भी अपने लिए खतरा मानते हुए लगातार हमले किए है। हिजबुल्लाह का कहना है कि जंग के दौरान इजराइल के 44 ठिकानों पर हमले किए हैं। इस संघर्ष में इजरायल के 10 सैनिक भी मारे गए हैं। इजरायल डिफेंस फोर्सेज का कहना है कि हिजबुल्लाह ने उनके ऊपर करीब 5 हजार रॉकेट दागे हैं। इसके अलावा ड्रोन और मोर्टार के जरिए भी हमले किए गए हैं।

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