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एक दर्जन राज्यों में बारिश, ओलावृष्टि का अलर्ट

नई दिल्ली। भारत के एक बड़े हिस्से में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है, जिससे उत्तर से लेकर पश्चिम और पूर्व तक के राज्यों में हलचल बढ़ गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 4-5 अप्रैल से देश के विभिन्न क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। इस बदलाव का मुख्य कारण इस सप्ताह सक्रिय होने वाले दो नए पश्चिमी विक्षोभ हैं। पहला विक्षोभ शनिवार को अपना असर दिखाना शुरू कर चुका है, जबकि दूसरा 7 अप्रैल से प्रभावी होगा। इसके चलते दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और बिहार सहित कम से कम 10 राज्यों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और ओलावृष्टि को लेकर चेतावनी जारी की गई है। विशेष रूप से किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी तैयार फसलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें ताकि ओलावृष्टि और बारिश से होने वाले नुकसान से बचा जा सके।

उत्तर भारत की बात करें तो दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में 4 अप्रैल को 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और ओले गिरने की आशंका है। इसके बाद 7 और 8 अप्रैल को दिल्ली-एनसीआर और पूर्वी राजस्थान में पुनः बारिश का दौर लौट सकता है। उत्तर प्रदेश में मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जहां पश्चिमी यूपी में भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना अधिक है। पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी 4 और 5 अप्रैल को तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि का अनुमान है, हालांकि वर्तमान में बर्फबारी की संभावना नहीं है। मध्य भारत के मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी अगले पांच दिनों तक आंधी और बारिश का सिलसिला बना रहेगा, जबकि महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्रों में ओलावृष्टि को लेकर सतर्क रहने को कहा गया है।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम का असर व्यापक रहेगा। बिहार और झारखंड में 4 से 7 अप्रैल के बीच गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है, जबकि पश्चिम बंगाल में उमस बढ़ने के साथ 7 अप्रैल से बारिश की शुरुआत हो सकती है। पूर्वोत्तर के राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड और मणिपुर में भी इस पूरे सप्ताह रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान है। दक्षिण भारत के राज्यों केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और पुदुच्चेरी में भी 7 अप्रैल तक बिजली गिरने और मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन दोनों पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, लेकिन साथ ही आंधी-तूफान के कारण लोगों को आवाजाही और खुले स्थानों पर रहने के दौरान सावधानी बरतने की आवश्यकता है। यह मौसमी बदलाव अगले एक सप्ताह तक देश के अधिकांश हिस्सों में सक्रिय रहने वाला है।


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