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हिमंता बिस्वा ने मल्लिकाजुर्न खरगे के विरूद्व अभद्र भाषा का प्रयोग किया

नई दिल्ली। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा मे नेता प्रतिपक्ष मल्लिकाजुर्न खरगे जी के विरूद्व इस्तेमाल की गई अभद्र और घटिया भाषा पूरी तरह निदंनीय शर्मनाक और अस्वीकार्य है। खरगे जी देश के एक वरिष्ठ और लोकप्रिय दलित और जननेता है उनका अनुभव कद और प्रतिष्ठा अतुलनीय है।

उनका अपमान किसी एक व्यक्ति का नही बल्कि इस देश के एससी-एसटी समाज के करोडो लोगो का भी अपमान है। लेकिन यह कोई नई बात नही है यह बीजेपी-आरएसएस की पुरानी और सुनियोजित मानसिकता है। बाबासाहेब अंबेडकर का अपमान हो दलित नेताओ को नीचा दिखाना हो या एससी-एसटी समाज के प्रतिनिधियो पर व्यक्तिगत हमले हो भाजपा और आरएसएस का इतिहास गवाह है कि जब-जब कोई दलित नेता सच बोलना है तब-तब ये उसे अपमानित करने पर उतर आते है यही इनकी विचारधारा है यही इनका असली चरित्र और चेहरा है। यही इनकी विचारधारा है यही इनका असली चरित्र और चेहरा है । और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से सीधा सवाल है- क्या आप हिंमता सरमा की इस भाषा का समर्थन करते है आपकी चुप्पी मजबूरी नही सहमति है। प्रधानमंत्री अगर देश के करोड़ो दलितो के सम्मान पर हमला होते देख मुहं न खोले वो न सिर्फ अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे है बल्कि उस अपमान के हिस्सेदार भी है।

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