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झारखंड निकाय चुनाव

रांची। झारखंड के लोकतांत्रिक सफर में आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि राज्य के 48 शहरी स्थानीय निकायों में नए नेतृत्व के चुनाव के लिए शांतिपूर्ण तरीके से मतदान की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सुबह 7 बजे से ही राज्य के विभिन्न मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। कड़ाके की सुरक्षा व्यवस्था के बीच लोग अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं और यह प्रक्रिया शाम 5 बजे तक जारी रहेगी, जिसके बाद सभी उम्मीदवारों की राजनीतिक किस्मत ईवीएम में बंद हो जाएगी।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस चुनावी महापर्व में कुल 43.43 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करने के पात्र हैं। यह चुनाव कुल 9 नगर निगमों, 20 नगर परिषदों और 19 नगर पंचायतों में आयोजित किया जा रहा है। हालांकि, इन निकायों के कुल 1,087 वार्डों में से केवल 1,042 वार्डों में ही मतदान कराया जा रहा है। इसका कारण यह है कि 41 वार्डों में पार्षद निर्विरोध चुने जा चुके हैं, जबकि तीन वार्डों में नामांकन न होने के कारण सीटें खाली रह गई हैं।

इसके अलावा, मानगो नगर निगम के एक वार्ड में प्रत्याशी के निधन के कारण वहां चुनाव स्थगित कर दिया गया है। इस बार के चुनाव में महिला उम्मीदवारों की सक्रिय भागीदारी विशेष चर्चा का विषय बनी हुई है। कुल 6,124 उम्मीदवारों में से महापौर और अध्यक्ष पद के लिए 562 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनमें 235 महिलाएं हैं। वहीं, वार्ड पार्षद पद के लिए चुनावी मैदान में उतरे 5,562 उम्मीदवारों में से 2,727 महिला प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रही हैं। गौरतलब है कि झारखंड में यह स्थानीय निकाय चुनाव दलीय आधार पर न होकर निर्दलीय चुनाव चिन्हों पर लड़ा जा रहा है, हालांकि उम्मीदवारों को विभिन्न राजनीतिक दलों का मौन समर्थन प्राप्त है। प्रशासन ने चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए 4,307 मतदान केंद्र स्थापित किए हैं। विशेष रूप से संवेदनशील और अति-संवेदनशील केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। मतदान संपन्न होने के बाद अब सभी की निगाहें 27 फरवरी को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जब यह स्पष्ट होगा कि झारखंड के शहरों के विकास की बागडोर अगले पांच वर्षों के लिए किन प्रतिनिधियों के हाथों में होगी।

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