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खत्म होगा संघर्ष या बढ़ेगी सैन्य कार्रवाई?

वॉशिंगटन। ईरान और अमेरिका के बीच जारी भीषण संघर्ष एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार रात 9 बजे (ईटी) मतलब भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह साढ़े 6 बजे, राष्ट्र को संबोधित करने वाले हैं, जिसमें वे ईरान पर एक महत्वपूर्ण अपडेट साझा करेंगे। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लैविट ने इस संबोधन की पुष्टि की है। यह संबोधन ऐसे समय में हो रहा है जब एक तरफ ट्रंप युद्ध से बाहर निकलने के संकेत दे रहे हैं, तो दूसरी तरफ क्षेत्र में हजारों अमेरिकी मरीन्स की तैनाती की खबरें भी सामने आ रही हैं। 28 फरवरी को इजरायल के साथ मिलकर शुरू किए गए इस सैन्य अभियान को लेकर ट्रंप के बदलते रुख ने दुनिया भर में असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है।

प्यू रिसर्च सेंटर के हालिया सर्वेक्षण के अनुसार, ट्रंप की ईरान नीति को लेकर अमेरिकी जनता में भारी असंतोष है। सर्वे के मुताबिक, लगभग 61 प्रतिशत अमेरिकी नागरिक ईरान के साथ युद्ध को लेकर राष्ट्रपति के रवैये से असहमत हैं, जबकि केवल 37 प्रतिशत लोग ही इस सैन्य कार्रवाई के पक्ष में हैं। ट्रंप के रुख में बार-बार आने वाले बदलावों, जैसे कभी नाटो सहयोगियों से मदद मांगना और कभी उनकी जरूरत को नकार देना, या ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को नष्ट करने की धमकी देकर पीछे हट जाना, सोशल मीडिया पर उनकी तीखी आलोचना का कारण बना हुआ है। घरेलू मोर्चे पर ईंधन की बढ़ती कीमतों ने भी प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है। इस संबंध में ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान से बाहर निकलने पर तेल की कीमतें तेजी से गिरेंगी और यह प्रक्रिया अगले कुछ दिनों या दो सप्ताह के भीतर पूरी हो सकती है।

वहीं, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के तेवर अभी भी सख्त बने हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि ईरान के खिलाफ अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है। नेतन्याहू का दावा है कि संयुक्त अभियान ने शासन की जड़ें हिला दी हैं और वे इसे पूरी तरह कुचलने तक पीछे नहीं हटेंगे। दूसरी ओर, ईरान ने जवाबी कार्रवाई की कड़ी चेतावनी जारी की है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने घोषणा की है कि यदि उनके क्षेत्र में किसी भी प्रकार की हत्या होती है, तो वे पश्चिम एशिया में सक्रिय 18 प्रमुख वैश्विक कंपनियों को निशाना बनाएंगे। इन कंपनियों में एप्पल, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, टेस्ला और बोइंग जैसे बड़े नाम शामिल हैं, जिन्हें ईरान ने अपने खिलाफ आतंकवादी योजना में शामिल बताया है। ट्रंप के आज के संबोधन से यह साफ होगा कि अमेरिका इस युद्ध को विराम देने की ओर बढ़ रहा है या पश्चिम एशिया में संघर्ष का एक नया और अधिक खतरनाक दौर शुरू होने वाला है।

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