Search

Shopping cart

Saved articles

You have not yet added any article to your bookmarks!

Browse articles

महिला विधेयक बिल के पास ना होने के कई कारण

महिला विधेयक बिल नहीं पास हुआ दरअसल महिलाओ से ज्यादा पुरुष परेशान है क्योंकि उसे घर माता पिता और सभी का ख्याल रखना पड़ता है और स्त्री पुरुष में भेदभाव करना सही नहीं ऐ सभी दलों के लोगों ने सोचा होगा आज बंगाल में चुनाव है इसलिए ऐ बिल 2014 से अब क्यों लाया गया। मर्यादा पुरषोत्तम भगवान राम है इसलिए वो पुरुष हैँ जो पुरुष होते हैँ उनका मन चंचल नहीं होता और में इसलिए राम को पुरुषोत्तम कहा जाता है। इसलिए कि यह एक प्रमुख धार्मिक मान्यता है जो हिंदू धर्म में प्रचलित है। पुरुषोत्तम शब्द संस्कृत भाषा से लिया गया है, जिसमें पुरुष का अर्थ होता है मनुष्य और उत्तम का अर्थ होता है श्रेष्ठ या सर्वोत्कृष्ट। इस शब्द का श्री राम के लिए प्रयोग किया जाता है ताकि इससे उनकी परम गुणवत्ता और पूर्णता का संकेत दिया जा सके।श्री राम का जीवन अपने चिंतन और चरित्र से मनुष्य की संपूर्ण गरिमा को चरितार्थ करता है। मनुष्य किस स्तर तक विकसित हो कि उसमें भागवत चेतन प्रकट हो सके। इस प्रश्न का उत्तर श्रीराम के चरित्र में मिलता हैं। देवर्षि नारद ने वालमीकि से पूछा था कि संसार में गुणवान,तेजस्वी, धर्मज्ञ उपकार मानने वाला, सत्यव्रती, दृढ़ प्रतिज्ञ, सदाचार से युक्त, सबका हितैषी ,प्रियदर्शी,जितेंद्रिय,क्रोध और समस्त आवेगों पर नियंत्रण रखने वाला,कीर्तिमान और अनिंद्य कौन है। ऐसा कौन सा पुरूष है जो दूसरों को जीतने की कामना नहीं रखता और स्वयं अजेय है ?

महर्षि वाल्मीकि इस प्रश्न के उत्तर में रामचरित सुनाते हैं। राम के राज्य में रमणीयता ही रमणीयता सर्वत्र नजर आती थी। प्रत्येक कार्य यज्ञ की भावना से सम्पन्न होता था। असत्य, अधर्म, अन्याय, अत्याचार, आतंक आदि आसुरी प्रवृत्तियों के लिए कहीं कोई स्थान नहीं था। पारस्परिक प्रेम,सद्भावना और सहयोग से प्रेरित होकर सभी लोग अपने-अपने कार्य अपनी-अपनी योग्यता के अनुसार करते रहते थे। प्रत्येक व्यक्ति सार्वजनिक हित की भावना से ही प्रत्येक कार्य को करने लगता था। किसी को किसी के प्रति कोई शिकायत नहीं होती थी और न किसी के मन में किसी के प्रति द्वेष था। सभी लोग राम का नाम लेकर रामराज्य का गुणगान करते हैं और हृदय से चाहते थे कि यह राज्य अनंत काल तक चलता रहे। इसीलिए राम किसी एक युग का या जग का नहीं बल्कि विश्व का है। वे शासक नहीं परिपालक हैं। राम और हिन्दुस्तान का जनमानस दोनों एक दूसरे के पर्यायवाची बन गए हैं। श्रीराम का चरित्र भारतीय संस्कृति के आदर्शवाद का उज्जवल प्रतीक बन गई है। श्री राम के चरित्र को देखकर कोई भी व्यक्ति या समूह अपना चरित सुधार सकता है। राम आदर्श गृहस्थ हैं ,वनवासी हैं ,राजा भी हैं ,नागरिक भी हैं ,स्तरीय समाज का निर्माण ही उनका उद्देश्य है।

श्री राम हिंदू धर्म के एक प्रमुख अवतार माने जाते हैं, जिन्हें पुराणों और एपिक महाकाव्य रामायण में प्रमुखता से वर्णित किया गया है। उन्हें अदार्श पुरुष, धर्मात्मा, न्यायप्रिय, सामरिक कुशल, प्रेमी पति, सदभक्त, धर्म का पालन करने वाले और भक्तों के लिए प्रेरणा स्रोत के रूप में माना जाता है। इसलिए श्री राम को पुरुषोत्तम कहा जाता है।इसलिए जब तक भगवान राम रहेंगे तब तक किसी से भेदभाव नहीं करेंगे, नर और नारी एक समान सब है प्रभु राम की संतान। इसी इस बात से समझ सकते हैँ भगवान राम पुरुष के रूप में ही आखिर जन्म क्यों लिए उन्हें अन्त करना था ऐसे रावण को जो अधर्मी था और घमंड और सर्वशक्तिमान समझता था इसलिए भगवान राम को धर्म और मानवता को बचाने के लिए एक लम्बी लड़ाई रावण से लड़नी थी यदि महिला होते परिवार होता तो महिलाओ को 9 महीने तक गर्भ धारण करना पड़ता जो लड़ाई में बाधा क्या लड़ ही नहीं पाते, यह सच है कि यदि आपके देश में अचानक क़ोई युद्ध छेड़ देता है और उस वक़्त महिला सैनिक यदि गर्भवती हो तो युद्ध कैसे करेगी, आजकल इसी समस्या को देखते हुए सरकार ने 2 साल का चाइल्ड केयर लीव मिलता है लेकिन सेना में युद्ध की परिस्थिति में गर्भवती हो तो युद्ध में शामिल नहीं हो सकती है इसलिए नारी में ममता होता है और अपने बच्चे को सही तरीके से पालन पोषण चाहिए इसलिए बिल ना पास के  इस मुद्दे को  लोकसभा से चुने गए सांसद को महिला विरोधी नहीं कहा जा सकता लोकतान्त्रिक व्यवस्था ही देश की दिशा तय करती है इसपर निराश भी नहीं होने की जरुरत है आप यदि जानकार होंगे विद्वान होंगे तो आपको लोग आज शिक्षा के व्यवसाय में नौकरी से ज्यादा इनकम होगा और जब चाहे आप छुट्टी ले ले और ऑनलाइन क्लास चालू करें लेकिन एक बात का हमेशा ध्यान देना शादी के बाद अपने सास ससुर की सेवा करना इससे अच्छा संस्कार मिलेगा और चुगली शिकायत से बचेगे क्योंकि बूढ़े लोग बेटा पर आश्रित होते हैं जब बेटा की पत्नी ही उसके माँ बाप की क़द्र ना करें तो परिवार टूटेगा और संस्कार नष्ट होगा जो बहुत मुश्किल से मिलता है।

Comments (0)

Leave a Comment