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नाटो प्रमुख ने सहयोगियों को चेताया

वॉशिंगटन। ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा माने जाने वाले स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर संकट खड़ा कर दिया है। ईरानी सेना द्वारा इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर पाबंदी लगाए जाने के बाद दुनिया भर में तेल आपूर्ति ठप होने का डर बना हुआ है।

इस बीच, नाटो के महासचिव मार्क रुट ने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस समुद्री रास्ते को फिर से खुलवाने में अन्य देशों द्वारा दिखाई जा रही सुस्ती से बेहद नाराज हैं। मार्क रुट ने बताया कि इस सप्ताह उनकी राष्ट्रपति ट्रंप से कई बार चर्चा हुई है। ट्रंप का स्पष्ट मानना है कि उनके सहयोगी देशों को इस रणनीतिक जलमार्ग को सुरक्षित और सक्रिय बनाने के लिए केवल अमेरिका पर निर्भर रहने के बजाय खुद भी अग्रणी और सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। नाटो प्रमुख के मुताबिक, ट्रंप का यह कड़ा रुख अब रंग लाता दिख रहा है। अब तक 20 से अधिक देश शिपिंग चैनल के सुचारू कामकाज को सुनिश्चित करने के ट्रंप के विजन के साथ जुड़ने को तैयार हो गए हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब इस वैश्विक संकट के समाधान के लिए अधिक जिम्मेदारी उठाने की ओर कदम बढ़ा रहा है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया के तेल व्यापार का सबसे प्रमुख रास्ता है, जिसकी घेराबंदी वैश्विक बाजार के लिए घातक साबित हो सकती है। नाटो प्रमुख ने इस मुद्दे पर ईरान के खिलाफ अमेरिका द्वारा की जा रही सैन्य कार्रवाई का पुरजोर समर्थन किया है। उन्होंने इसे वैश्विक सुरक्षा के लिए अनिवार्य बताते हुए कहा कि ईरान का परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम दुनिया की शांति के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। अंतरराष्ट्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए इन चुनौतियों का डटकर मुकाबला करना ही एकमात्र विकल्प है।

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