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निरंतरता और धैर्य है मेरी सफलता का राज - मानव सुथार

न्यू चंडीगढ़ । अपने डेब्यू मैच में ही शानदार गेंदबाजी कर रिकार्ड बनाने वाले नये स्पिनर मानव सुथार ने अपनी सफलता का श्रेय किसी व्यक्ति को न देते हुए अपनी निरंतरता और घैर्य से गेंदबाजी करने को दिया है। स्पिन ऑलराउंडर सुथार ने अफगानिस्तान के खिलाफ अपने करियर के पहले टेस्ट में कुल 7 विकेट लेकर अपनी प्रतिभा साबित की है। इस क्रिकेटर ने अपनी बल्लेबाजी और घातक गेंदबाजी से हर किसी को अपना प्रशंसक बना लिया है। अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट में इस क्रिकेटर ने बल्लेबाजी के दौरान भी 28 रन भी बनाये। सुथार ने पहली पारी में 6 विकेट जबकि दूसरी पारी में 1 विकेट लिया। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का अवार्ड भी मिला। मैच के बाद इस स्पिनर ने कहा कि यहां की पिच को समझने के साथ ही निरंतरता और धैर्य के साथ गेंदबाजी करने से भी उन्हें लाभ हुआ है। बार-बार एक ही जगह गेंद डालनी होती है। इसके अलावा धैर्य भी रखना होता है। 

सुथार ने अपनी रणनीति को लेकर कहा, शुरुआत में मेरा पूरा ध्यान इस बात पर था कि विकेट कैसे खेल रही है। मैं अपनी गेंदबाजी पर पूरी तरह से भरोसा करना चाहता था। जब मुझे यह समझ आया कि विकेट थोड़ी धीमी है और गेंद की गति में बदलाव की जरूरत है, तब मैंने अपनी गेंदबाजी में जरूरी बदलाव करना शुरू किया। मेरा प्राथमिक लक्ष्य हमेशा यही रहा कि मेरी हर गेंद अपना असर छोड़े और बल्लेबाज के लिए मुश्किल खड़ी करे। मेरा मानना है कि टेस्ट प्रारुप में मानसिक दृढ़ता की परीक्ष होती है। 

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