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ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर कड़े नियम

नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र को विनियमित करने और उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन गेमिंग को बढ़ावा देने और विनियमित करने का अधिनियम, 2025 के तहत नए प्रशासनिक नियमों को अधिसूचित कर दिया है। ये नियम 1 मई से पूरे भारत में प्रभावी हो जाएंगे। इसके तहत अब सभी गेमिंग कंपनियों को अपने उपयोगकर्ताओं को वित्तीय, मनोवैज्ञानिक, सामाजिक, सुरक्षा-संबंधी या सामग्री-संबंधी किसी भी तरह के नुकसान से बचाने के लिए सख्त सुरक्षा उपाय लागू करना अनिवार्य होगा।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा जारी इन व्यापक नियमों का उद्देश्य जिम्मेदार ऑनलाइन गेमिंग को बढ़ावा देना, पारदर्शिता बढ़ाना, खिलाड़ियों के लिए निश्चित विकल्प देना और ऑनलाइन गेमिंग की समग्र सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके लिए प्रक्रियाओं, संचालन, व्यवहार और प्रणाली संबंधी सुरक्षा उपायों को अनिवार्य किया गया है। इन नियमों के क्रियान्वयन और निगरानी के लिए भारत में एक छह सदस्यीय ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण का भी गठन किया गया है। इस प्राधिकरण की अध्यक्षता आईटी मंत्रालय के एक अतिरिक्त सचिव रैंक के अधिकारी करेंगे। गृह मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग, सूचना और प्रसारण मंत्रालय, युवा मामले और खेल मंत्रालय और विधि विभाग के संयुक्त सचिव रैंक के अधिकारी इसमें पदेन सदस्य के रूप में कार्य करेंगे। नए नियमों के अनुसार, सभी प्रकार के ई-स्पोर्ट्स को अनिवार्य रूप से प्राधिकरण के साथ पंजीकृत कराना होगा। हालांकि, किन अन्य खेलों या गेमिंग कंपनियों को प्राधिकरण के साथ पंजीकरण करने की आवश्यकता होगी, इसका निर्धारण अभी किया जाना बाकी है। इसके अतिरिक्त, भारत में खेल या कोई अन्य संबंधित सेवाएं प्रदान करने वाली सभी गेमिंग कंपनियों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे खिलाड़ी की शिकायतों के समाधान के लिए एक सक्रिय शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करें और उसे लगातार संचालित करते रहें।

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