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सेना ने जारी किया रोडमैप

नई दिल्ली। पश्चिम-एशिया और खाड़ी क्षेत्र में जारी युद्ध और बीते चार साल से अधिक समय से चल रहे रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे तनावपूर्ण वैश्विक हालात के बीच सोमवार को भारतीय सेना ने राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित किए गए एक कार्यक्रम में मानवरहित हवाई सिस्टम (यूएएस) और लाइटरिंग म्यूनिशन जैसे दो क्षेत्रों को लेकर एक तकनीकी रोडमैप जारी किया है। जो विभिन्न प्रकार के विवादों में खासतौर पर तेजी से बदलते हुए युद्धकौशल को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।

सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह रोडमैप कुल 50 पृष्ठों का एक दस्तावेज है। जिसमें उद्योग और शैक्षणिक जगत की भागीदारी के साथ 30 प्रकार के यूएएस, लाइटरिंग म्यूनिशन को पांच श्रेणियों और लगभग 80 प्रकारों में विभाजित किया गया है। वहीं, एक अन्य जानकारी में रक्षा मंत्रालय ने बताया कि 9 से 10 अप्रैल तक वायुसेना की प्रशिक्षण कमांड (बेंगलुरु) में त्रि-सेवा संगोष्ठी रण संवाद का आयोजन किया जाएगा। जिसका विषय ‘बहुक्षेत्रीय अभियानः पारंपरिक और अनियमित खतरों से निपटने की अनिवार्यता’है। श्रेणियों में निगरानी, लाइटरिंग म्यूनिशन, हवाई रक्षा भूमिका में यूएएस, विशेष भूमिका और लॉजिस्टिक में यूएएस की भूमिका मुख्य हैं। उप सेनाप्रमुख (कैपेबिलिटी डेवलपमेंट एंड सस्टिनेंस) लेफ्टिनेंट जनरल राहुलघ्.आर. सिंह ने दस्तावेज में शामिल की गई संवेदनशील सामग्री के प्रति सभी भागीदार पक्षों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि इसे किसी भी सूरत में अनाधिकृत लोगों से साझा न करें। क्योंकि ऐसा होने पर यह दुश्मन के हाथ भी लग सकता है। मेजर जनरल सी.एस मान (एडीजी, आर्मी डिजाइन ब्यूरो) ने कहा, यह पहला मौका है, जब सेना ने यूएएस और लाइटरिंग म्यूनिशन के क्षेत्र में ऐसी कोई पहल की है। जिससे इसके महत्व का पता चलता है। मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति के मुताबिक, सेना में दस्तावेज को तैयार करने की तैयारी ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही जारी थी।

दीर्घावधि जरूरतों का पता चलेगा

दस्तावेज की मदद से उद्योग, शैक्षणिक जगत को सेना की उक्त दोनों क्षेत्रों में लंबी अवधि की आवश्यकताओं के बारे में जानकारी मिलेगी। कार्यक्रम में सेना के अलावा ड्रोन फेडरेशन इंडिया, सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स, फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, रक्षा उद्योग, शैक्षणिक जगत और शोध-अनुसंधान जैसे संगठन शामिल हुए।

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