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सफल कप्तानों में नंबर एक पर हैं पोटिंग

मुम्बई। एकदिवसीय क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग से लेकर न्यूजीलैंड के स्टीफन फ्लेमिंग, भारत के महेन्द्र सिंह धोनी और श्रीलंका के अर्जुन रणतुंगा सहित कई कप्तान क्रिकेट जगह में छाये रहे हैं पर अगर सबसे सफल कप्तान की बात करें तो ऑस्ट्रेलिया के पोंटिंग नंबर एक पर हैं। साल  2002 से 2012 के बीच पोंटिंग ने 230 मैचों में कप्तानी की, जिसमें से उनकी कप्तानी ने टीम ने रिकॉर्ड 165 मैचों में जीत हासिल की।  उनकी जीत का प्रतिशत 71.73 प्रतिशत रहा, जो अब तक सबसे अधिक है।  पोंटिंग की कप्तानी में ऑस्ट्रेलियाई टीम केवल  51 मैच ही हारी है। उनके दौर में ऑस्ट्रेलियाई टीम काक हराना किसी के लिए भी असंभव सा काम था। 2.17 प्रतिशत का उनका ‘टाई’ रिकॉर्ड उनके मैच समाप्त करने के कौशल को दिखाता है।  

स्टीफन फ्लेमिंग 

वहीं न्यूजीलैंड के स्टीफन फ्लेमिंग इस सूची में दूसरे नंबर पर हैं।  1997 से 2007 के लंबे सफर में उन्होंने 218 मैचों में टीम की कमान संभाली थी पर उनका जीत का प्रतिशत 44.95 रहा टीम को उन्होंने 98 जीत दिलायी वहीं 106 हार । इसके बाद भी उन्हें महान कप्तान इसलिए माना जाता है क्योंकि  उन्होंने एक कमजोर टीम को बड़ी टीमों के स्तर तक पहुंचाया। है. फ्लेमिंग अपनी रणनीतिक समझ और स्लिप में अपनी फील्डिंग के लिए मशहूर थे। उन्हें कीवी टीम को विजेता बननो का श्रेया है। 

धोनी 200 मैचों के साथ तीसर नंबर पर हैं 

भारत के सबसे सफल कप्तान एमएस धोनी 200 मैचों के साथ इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं. साल 2007 से 2018 के बीच धोनी ने भारतीय क्रिकेट को शीर्ष पर पहुंचाया। धोनी ने 110 मैचों में जीत दर्ज की और उनका जीत का प्रतिशत 55 प्रतिशत रहा।धोनी के नेतृत्व में टीम हालांकि 74 मैच हारी पर उसे जीत हासिल करना आ गया। दबाव के क्षणों में उनका शांत रहना और 0.5 प्रतिशत का टाई रिकॉर्ड  उनकी मैच  फिशित करने की कला दिखाता है।  धोनी इस सूची के एकमात्र कप्तान हैं जिन्होंने आईसीसी की तीनों सफेद गेंद ट्रॉफी जीती हैं.

अर्जुन रणतुंगा 

श्रीलंकाई क्रिकेट को विश्व विजेता बनाने वाले अर्जुन रणतुंगा ने 193 मैचों में टीम की कप्तानी की। साल 1988 से 1999 के बीच उन्होंने 89 जीत हासिल की। 46.11 फीसदी के जीत प्रतिशत के साथ रणतुंगा ने 1996 में श्रीलंका को विश्व चैंपियन बना दिया। उनकी कप्तानी का दौर श्रीलंका के लिए सबसे बेहतर दौर था, जहां उन्होंने शीर्ष टीमों को भी टक्कर देना सीखा। 

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