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विदेशी आगंतुकों अमेरिकी कानूनों का करना होगा पालन, नहीं तो छोड़ना होगा देश

वॉशिंगटन। अमेरिका की सहायक अटॉर्नी जनरल हरमीत ढिल्लो ने कहा है कि अमेरिका में आने वाले विदेशी आगंतुकों जिनमें कॉलेज परिसरों में पढ़ने वाले छात्र भी शामिल हैं, उनको अमेरिकी कानूनों का पालन करना होगा। ऐसा न करने वाले देश में रहने का अधिकार खो सकते हैं। एक साक्षात्कार में ढिल्लो ने कहा कि यदि आगंतुक कानून का उल्लंघन करते हैं या विश्वविद्यालय परिसरों में अव्यवस्था फैलाते हैं तो अधिकारियों को सख्त नियम लागू करने चाहिए।

उन्होंने कहा कि अमेरिका में आने वाले आगंतुकों को कानून का पालन करना होगा, खासकर कॉलेज परिसरों में वरना उन्हें देश से जाना होगा। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि न्याय विभाग छात्रों के खिलाफ हिंसा या नफरत को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा और उनके नागरिक अधिकारों की रक्षा करेगा। उनकी यह टिप्पणी अमेरिका के कई विश्वविद्यालयों में चल रहे तनाव के बीच आई है। ये तनाव 7 अक्टूबर 2023 को इजराइल पर हुए हमलों और उसके बाद शुरू हुए मध्य-पूर्व संघर्ष से जुड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद बढ़े हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ढिल्लो ने अमेरिकी परिसरों में हुई अशांति का जिक्र करते हुए कहा कि कई प्रमुख विश्वविद्यालयों में यहूदी-विरोध और उग्र विरोध प्रदर्शनों को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि आज हमारे आइवी लीग संस्थानों में भी एंटीसेमिटिज़्म और 7 अक्टूबर 2023 से जुड़े विरोध प्रदर्शनों के कारण काफी अशांति देखने को मिल रही है। जब आगंतुक कानून तोड़ते हैं तो अधिकारियों को शून्य सहनशीलता की नीति अपनानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि अगर आप इस देश में मेहमान हैं तो आपको हमारे कानून तोड़ने या हमारे परिसरों में अव्यवस्था फैलाने का अधिकार नहीं है। ढिल्लो ने कहा कि अमेरिका आने वाले विदेशी नागरिक मेहमान की तरह आते हैं और उन्हें देश के कानूनी ढांचे का सम्मान करना चाहिए। आप यहां आकर घर के सोफे पर पैर फैलाकर यह उम्मीद नहीं कर सकते कि आपका गर्मजोशी से स्वागत होगा। अमेरिका को अन्य देशों की तरह, अपने कानून लागू करने और यह तय करने का अधिकार है कि कौन देश में रह सकता है। उन्होंने कहा कि कुछ देश ऐसे नियमों को अमेरिका से ज्यादा सख्ती से लागू करते हैं।

जब किसी को अपराध का दोषी ठहराया जाता है, तो वह यहां रहने का अधिकार खो देता है। उनकी टिप्पणियां अमेरिका में चल रही उस राजनीतिक बहस को उजागर करती हैं जिसमें कैंपस विरोध प्रदर्शन, आव्रजन कानूनों का पालन और अमेरिकी विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे विदेशी छात्रों की जिम्मेदारियां शामिल हैं। बता दें अमेरिकी उच्च शिक्षा प्रणाली में अंतरराष्ट्रीय छात्रों की बड़ी भूमिका है। अमेरिका के विश्वविद्यालयों में 10 लाख से अधिक विदेशी छात्र पढ़ते हैं। उनकी उपस्थिति अकादमिक शोध, नवाचार और अमेरिकी अर्थव्यवस्था में अहम योगदान देती है, जबकि वीजा नियमों के तहत उन्हें संघीय और विश्वविद्यालय नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है।

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