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विदेशी अभिनेता बॉब क्रिस्टो ने बॉलीवुड में बनाई अलग पहचान

मुंबई । साल 80 और 90 के दशक में बॉलीवुड इंडस्ट्री एक विदेशी अभिनेता ने अपनी अलग पहचान बनाई। बॉब क्रिस्टो उन चुनिंदा कलाकारों में से थे, जिन्होंने बॉलीवुड में विदेशी विलेन की छवि को लोकप्रिय बनाया और कई बड़े सितारों के साथ यादगार मुकाबले किए। सिडनी में जन्मे बॉब क्रिस्टो का असली नाम रॉबर्ट जॉन क्रिस्टो था। 20 मार्च 2011 को 72 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया, लेकिन बॉलीवुड में विदेशी विलेन के रूप में उनकी छवि आज भी दर्शकों के दिलों में जिंदा है। वह पेशे से सिविल इंजीनियर थे और उनका पारिवारिक संबंध ग्रीक और जर्मन मूल से था। 

बचपन में ही वह जर्मनी चले गए, जहां उन्होंने पढ़ाई के साथ थिएटर में भी रुचि ली। यहीं उनकी मुलाकात हेल्गा से हुई, जिनसे उन्होंने शादी की और तीन बच्चों के पिता बने। लेकिन उनकी जिंदगी में बड़ा झटका तब आया, जब एक सड़क हादसे में उनकी पत्नी का निधन हो गया। इस घटना ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया और उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई। उनकी जिंदगी का अहम मोड़ तब आया, जब उन्होंने एक मैगजीन के कवर पर परवीन बाबी की तस्वीर देखी। उस एक झलक ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि वह सब कुछ छोड़कर भारत आ गए। मुंबई पहुंचकर उन्होंने परवीन बाबी से मुलाकात की, जिसने उनके करियर की दिशा बदल दी। उनकी मदद से उन्हें फिल्मों में काम करने का मौका मिला और संजय खान ने 1980 में आई फिल्म ‘अब्दुल्ला’ में उन्हें पहला बड़ा रोल दिया। इसके बाद बॉब क्रिस्टो ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और जल्दी ही बॉलीवुड के चर्चित विदेशी विलेन बन गए।

उन्होंने ‘कालिया’, ‘नमक हलाल’, ‘मर्द’ और ‘मिस्टर इंडिया’ जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया। खासकर अमिताभ बच्चन के साथ उनके फाइट सीन दर्शकों को बेहद पसंद आते थे। जब भी दोनों कलाकार पर्दे पर आमने-सामने होते, सिनेमाघरों में तालियों और सीटियों की गूंज सुनाई देती थी। अपनी लंबी-चौड़ी कद-काठी और प्रभावशाली स्क्रीन प्रेजेंस के चलते बॉब क्रिस्टो ने करीब 200 फिल्मों में काम किया। उन्होंने सिर्फ हिंदी सिनेमा ही नहीं, बल्कि दक्षिण भारतीय फिल्मों में भी अपनी पहचान बनाई। हालांकि, समय के साथ उन्होंने फिल्मों से दूरी बना ली और बेंगलुरु में बसकर योगा इंस्ट्रक्टर के रूप में नई जिंदगी शुरू की। 


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