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अग्निवीरों को स्थायी करने और सेवा निधि बढ़ाने का नोटिस फर्जी

नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक कथित नोटिफिकेशन को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। सरकार ने उस वायरल नोटिस को पूरी तरह फर्जी और भ्रामक बताया है जिसमें यह दावा किया जा रहा था कि भारतीय सेना ने 25 प्रतिशत की बजाय अब 75 से 80 प्रतिशत अग्निवीरों को सेवा में स्थायी परमानेंट करने का बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने साफ किया है कि इंडियन आर्मी की तरफ से ऐसा कोई भी आदेश या नियम परिवर्तन का नोटिस जारी नहीं किया गया है। इसके साथ हीए वायरल पत्र में किए गए उस दावे को भी सिरे से खारिज कर दिया गया है जिसमें अग्निवीरों के सेवा निधि पैकेज को 12 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने की बात कही गई थी।

इस भ्रामक सूचना की सच्चाई सामने लाते हुए पीआईबी फैक्ट चेक ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया है कि इंटरनेट पर जो नोटिफिकेशन सर्कुलेट हो रहा हैए वह पूरी तरह जाली है। भारतीय सेना ने अग्निपथ योजना के नियमों या अग्निवीरों की सेवा शर्तों से जुड़ा ऐसा कोई भी नया अपडेट जारी नहीं किया है। वायरल हो रहे इस फर्जी पत्र में जो संदर्भ नंबर रेफरेंस नंबर और अधिकारियों के हस्ताक्षर इस्तेमाल किए गए हैंए वे पूरी तरह नकली और मनगढ़ंत हैं। वायरल नोटिस में कई तरह के झूठे दावे करके युवाओं को गुमराह करने का प्रयास किया गया था। पत्र में कहा गया था कि अब 75 से 80 प्रतिशत अग्निवीरों को सेना में परमानेंट कर दिया जाएगा जबकि हकीकत यह है कि वर्तमान आधिकारिक नियमों के अनुसार 4 साल की सेवा अवधि पूरी होने के बाद केवल 25 प्रतिशत अग्निवीरों को ही स्थायी कैडर में शामिल करने का प्रावधान है। इसी तरह सेवा निधि पैकेज को बढ़ाकर 25 लाख रुपये किए जाने का दावा भी झूठ साबित हुआ है। सच यह है कि 4 साल की सेवा के बाद अग्निवीरों को मिलने वाली सेवा निधि राशि आज भी लगभग 11.71 लाख रुपये ही निर्धारित है।

इसके अलावाए फर्जी नोटिस में यह भी झूठ फैलाया गया कि ये कथित नए नियम 1 जून 2026 से देश भर में लागू हो चुके हैं। इस संबंध में स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान में भारतीय सेना द्वारा अग्निवीर भर्ती 2026 के लिए सामान्य प्रवेश परीक्षा का आयोजन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 जून से 15 जून 2026 के बीच किया जा रहा है। पूरी भर्ती प्रक्रिया पहले से तय नियमों और शर्तों के आधार पर ही सुचारू रूप से चल रही है। सरकार और सैन्य अधिकारियों ने युवाओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर तैर रही ऐसी किसी भी अफवाह या फर्जी दावों के झांसे में न आएं। किसी भी प्रकार की नई घोषणाए नियम बदलाव या आधिकारिक अपडेट की प्रामाणिक जानकारी के लिए केवल भारतीय सेना की ऑफिशियल वेबसाइट पर ही भरोसा करें।


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