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कैंसर रोग जीवन के बारे में नई बातें सीखने का अवसर बना- सोनाली बेंद्रे

मुंबई । कैंसर के अपने अनुभव को साझा करते हुए बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे ने कहा कि उन्होंने इस बीमारी को कभी जंग के रूप में नहीं देखा। अभिनेत्री ने कहा कि उनके लिए यह कठिन दौर अपने शरीर को समझने, उससे जुड़ने और जीवन के बारे में नई बातें सीखने का अवसर बना। यह बात अभिनेत्री सोनाली ने मराठी क्विज शो ‘कोण होणार करोडपति’ के प्रीमियर के दौरान कही। कार्यक्रम की मेजबानी अभिनेत्री माधुरी दीक्षित कर रही हैं। शो के दौरान माधुरी दीक्षित ने सोनाली बेंद्रे के कैंसर के अनुभव का जिक्र किया और कहा कि बीमारी से उबरने के बाद दर्शकों ने उनके व्यक्तित्व का एक मजबूत रूप देखा। माधुरी ने उनके साहस और कठिन परिस्थितियों का सामना करने के तरीके की सराहना भी की। इसके जवाब में सोनाली ने बताया कि उस समय उनका ध्यान केवल बीमारी को हराने पर नहीं था। वह यह समझना चाहती थीं कि उनके साथ ऐसा क्यों हो रहा है और इस अनुभव से वह क्या सीख सकती हैं। 

अभिनेत्री ने कहा कि आमतौर पर कैंसर से उबरने वाले लोगों के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने बीमारी पर जीत हासिल कर ली, लेकिन उनके अपने अनुभव को इस तरह के शब्दों में व्यक्त करना सही नहीं होगा। सोनाली के मुताबिक, बीमारी के दौरान उन्होंने जिंदगी और अपने शरीर को देखने का नजरिया बदला। उन्होंने कहा कि इस अनुभव से उन्हें कई महत्वपूर्ण बातें सीखने को मिलीं। वह इसे किसी मुकाबले के बजाय आत्मसमझ और सीखने की प्रक्रिया के रूप में देखती हैं। अभिनेत्री ने यह भी बताया कि किसी बीमारी को जंग और जीत जैसे शब्दों से जोड़ने पर ऐसा महसूस हो सकता है, मानो व्यक्ति अपने ही शरीर के खिलाफ लड़ रहा हो। 

उन्होंने कहा कि शरीर के भीतर मौजूद कोशिकाएं भी उसी शरीर का हिस्सा हैं। ऐसे में बीमारी से जुड़े अनुभव को केवल लड़ाई के रूप में देखना उन्हें उचित नहीं लगता। सोनाली की बात का मुख्य भाव यह था कि बीमारी से गुजरने वाले हर व्यक्ति का अनुभव अलग होता है। किसी के लिए संघर्ष की भाषा प्रेरणा देने वाली हो सकती है, जबकि कोई दूसरा व्यक्ति अपने अनुभव को समझने और उससे सीखने पर अधिक ध्यान दे सकता है। सोनाली ने अपने दृष्टिकोण को व्यक्तिगत अनुभव के रूप में साझा किया और बताया कि इस कठिन दौर ने उन्हें अपने शरीर के प्रति अधिक समझ विकसित करने का अवसर दिया। 


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