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पाकिस्तान-बांग्लादेश के बीच होने जा रही डिफेंस डील

ढाका। दक्षिण एशिया के भू-राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहाँ भारत के दो पड़ोसी देशों, पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच रक्षा संबंधों में नजदीकी बढ़ने की खबरें सामने आई हैं। सोमवार को पाकिस्तानी वायुसेना (पीएएफ) का एक सात सदस्यीय उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल बांग्लादेश की राजधानी ढाका पहुंचा है। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच वायुसेना पायलटों की ट्रेनिंग और तकनीकी सहयोग सहित कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर करना है। सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, यह दल बांग्लादेश वायुसेना (बीएएफ) के साथ पहली बार एयर स्टाफ टॉक्स आयोजित करेगा, जो दोनों देशों के सैन्य संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है।

इस बैठक के केंद्र में न केवल ट्रेनिंग प्रोग्राम हैं, बल्कि रक्षा उपकरणों की खरीद-बिक्री पर भी गंभीर चर्चा होने की संभावना है। विशेष रूप से जेएफ-17 थंडर फाइटर जेट्स को लेकर अटकलें तेज हैं। इस साल की शुरुआत में बांग्लादेशी एयर चीफ मार्शल हसन महमूद खान ने इन विमानों को खरीदने में रुचि दिखाई थी। गौरतलब है कि जेएफ-17 एक हल्का और सिंगल इंजन वाला लड़ाकू विमान है, जिसे चीन और पाकिस्तान ने मिलकर विकसित किया है। यदि यह डील परवान चढ़ती है, तो यह बांग्लादेश की रक्षा नीति में एक बड़ा रणनीतिक मोड़ साबित होगा। पिछले दो वर्षों में बांग्लादेश के राजनीतिक रुख में पाकिस्तान के प्रति नरमी देखी गई है। 1971 की कड़वाहटों को पीछे छोड़ते हुए दोनों देश रक्षा और कूटनीतिक स्तर पर करीब आ रहे हैं। 2024 में नेतृत्व परिवर्तन के बाद से ही पाकिस्तानी अधिकारियों की ढाका में सक्रियता बढ़ी है। हालांकि, वर्तमान सरकार ने बांग्लादेश फर्स्ट की नीति अपनाने और भारत के साथ संबंधों को संतुलित करने की बात कही है, लेकिन पाकिस्तानी वायुसेना के इस दौरे ने रक्षा विशेषज्ञों को सतर्क कर दिया है। जानकारों का मानना है कि इस रक्षा सहयोग के क्षेत्रीय सुरक्षा और भारत के साथ बांग्लादेश के रणनीतिक समीकरणों पर दूरगामी प्रभाव पड़ सकते हैं। फिलहाल, सबकी नजरें ढाका में होने वाले समझौतों के अंतिम मसौदे पर टिकी हैं।

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