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फ्लिपकार्ट का नया दाव

अब भुगतान से होगी बंपर कमाई! 

नई दिल्ली । देश का सबसे बड़ा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट अपने संभावित आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) से पहले एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बदलाव के तहत भुगतान और वित्तीय सेवाओं पर अपना जोर बढ़ा रहा है। वालमार्ट के स्वामित्व वाली यह कंपनी राजस्व के नए स्रोतों और बेहतर मार्जिन की तलाश में है, जिसके लिए वह भुगतान सफलता दरों में सुधार और व्यापक लॉयल्टी कार्यक्रमों के विस्तार पर दाव लगा रही है। यह कदम एक परिपक्व उपभोक्ता इंटरनेट कारोबार के सामने आने वाले दबावों के बीच दोहरी जरूरत को दर्शाता है। राजस्व वृद्धि का नया समीकरण फ्लिपकार्ट में पेमेंट्स और सुपरकॉइन्स के उपाध्यक्ष गौरव अरोड़ा के अनुसार भुगतान अब कंपनी की वृद्धि के शीर्ष तीन या चार संचालकों में से एक बन गया है। भुगतान पूरा होने की दरों में हर एक प्रतिशत की बढ़ोतरी से सीधे तौर पर राजस्व वृद्धि भी उतनी ही बढ़ जाती है। कंपनी बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण जैसी तकनीकों के माध्यम से भुगतान अनुभवों को बेहतर बनाकर राजस्व बढ़ाने और लागत घटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। भारत का सबसे बड़ा लॉयल्टी तंत्र बनाने की तैयारी फ्लिपकार्ट अपने सुपरकॉइन्स लॉयल्टी कार्यक्रम को भी व्यापक बना रहा है। अरोड़ा इसे फ्लिपकार्ट के अपने प्लेटफॉर्म से आगे राइड-हेलिंग, विमानन और अन्य ज्यादा इस्तेमाल वाली श्रेणियों तक ले जाने पर काम कर रहे हैं। लक्ष्य भारत का सबसे बड़ा लॉयल्टी तंत्र बनाना है, जिससे उपभोक्ताओं के लिए एक एकीकृत और आकर्षक रिवॉर्ड इकोसिस्टम तैयार हो सके। घटा घाटा, मजबूत हुई राजस्व वृद्धि आईपीओ से पहले कंपनी की वित्तीय सेहत भी मजबूत दिख रही है। 

फ्लिपकार्ट इंटरनेट ने वित्त वर्ष 2025 में 20,493 करोड़ रुपये का राजस्व कमाया, जो पिछले साल के मुकाबले 14 प्रतिशत अधिक है। नियामक सूचना के मुताबिक, शुद्ध घाटा भी 37 प्रतिशत कम होकर 1,494 करोड़ रुपये रह गया है, जो कंपनी की दक्षता और लाभप्रदता की ओर बढ़ते कदम को दर्शाता है। फ्लिपकार्ट की कायम बादशाहत आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार, देश का ई-कॉमर्स बाजार वित्त वर्ष 2030 तक लगभग तीन गुना बढ़कर 174 अरब डॉलर से 214 अरब डॉलर के बीच पहुंचने का अनुमान है, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह लगभग 70 अरब डॉलर था। इस विशाल बाजार में, फ्लिपकार्ट की अनुमानित हिस्सेदारी 50 से 60 प्रतिशत है और वह 22 करोड़ से 24 करोड़ मासिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं के साथ बाजार में अग्रणी बनी हुई है। भुगतान और वित्तीय सेवाओं पर यह नया फोकस भविष्य की वृद्धि और बाजार नेतृत्व को बनाए रखने की एक सोची-समझी रणनीति है।

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