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आरसी किसी वाहन की अंतरिम रिहाई का एकमात्र आधार नहीं हो सकता

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने जब्त वाहनों की अंतरिम कस्टडी को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा है कि केवल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) किसी वाहन की अंतरिम रिहाई का एकमात्र आधार नहीं हो सकता। कोर्ट ने कहा कि अदालतों को यह अधिकार है कि वे उपलब्ध तथ्यों, परिस्थितियों और साक्ष्यों के आधार पर तय करें कि जब्त संपत्ति का अस्थायी कब्जा किसे दिया जाना सबसे उचित होगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जस्टिस संजय करोल और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने यह टिप्पणी एक कंपनी निदेशक की अपील खारिज करते हुए की। अपीलकर्ता ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें प्रतिवादी कंपनी को पांच जब्त वाहनों की अंतरिम कस्टडी सौंप दी गई थी। मामला एम एस प्योर मिनरल्स और एम एस अर्थ स्टीन प्राइवेट लिमिटेड के बीच विवाद से जुड़ा था। विवादित वाहनों में एक बोलेरो सिटी पिक-अप, तीन एक्सकेवेटर और एक अशोक लीलैंड टिपर शामिल थे, जिन्हें 2014 से 2022 के बीच अपीलकर्ता की कंपनी के नाम पर खरीदा गया था। 

अपीलकर्ता का आरोप था कि प्रतिवादी कंपनी के अधिकारियों ने 31 अगस्त, 2023 को उसकी फैक्टरी में घुसकर वाहन जबरन अपने कब्जे में ले लिए। वहीं प्रतिवादी कंपनी ने जवाबी एफआईआर दर्ज कर आरोप लगाया कि अपीलकर्ता ने कंपनी के 1.73 करोड़ से ज्यादा का गबन कर उसी राशि से अपनी कंपनी के नाम पर ये वाहन खरीदे। दोनों पक्षों ने ट्रायल कोर्ट में अंतरिम कस्टडी की मांग की थी। बाद में हाईकोर्ट ने प्रतिवादी कंपनी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि वाहन उसके संचालन क्षेत्र से जब्त किए गए थे और उनका इस्तेमाल लगातार कंपनी के खनन काम में किया जा रहा था। साथ ही वाहनों के ऋण की ईएमआई भी प्रतिवादी कंपनी के खाते से चुकाई जा रही थी। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि सुंदर भाई अंबालाल देसाई बनाम गुजरात राज्य मामले में ऐसा कोई कठोर सिद्धांत तय नहीं किया गया था कि हर स्थिति में केवल आरसी धारक को ही अंतरिम कस्टडी दी जाए। कोर्ट ने कहा कि सीआरपीसी की संबंधित धाराओं का उद्देश्य स्वामित्व का अंतिम निर्णय करना नहीं, बल्कि यह तय करना है कि जब्त संपत्ति सुरक्षित रहे, उसका इस्तेमाल हो सके और वह बेकार या खराब न हो।

पीठ ने कहा कि कोर्ट को यह देखना होता है कि उपलब्ध साक्ष्यों, कब्जे की वास्तविक स्थिति, वाहन के इस्तेमाल, भुगतान के रिकॉर्ड और अन्य परिस्थितियों के आधार पर अंतरिम रूप से सबसे उपयुक्त व्यक्ति कौन है। इस मामले में वाहन प्रतिवादी कंपनी की साइट से बरामद हुए, उनकी ईएमआई प्रतिवादी के खाते से जमा की जा रही थी और रिकॉर्ड पर मौजूद एक अंडरटेकिंग में भी कंपनी को वाहनों के इस्तेमाल की अनुमति दी गई थी। इन परिस्थितियों को रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट से ज्यादा अहम मानते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अपील खारिज कर दी और हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा।

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