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गुरू पुर्णिमा पर योगी आदित्यनाथ ने अपने गुरू को याद किया

 गोरखपुर । भारतीय मनीषा एवं सनातन संस्कृति में गुरु को साक्षात् परम ब्रह्म माना गया है। योगी आदित्यनाथ गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व पर संदेश देते हुए कहा हम सबके लिए गुरुजनों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और सम्मान प्रकट करने का अवसर है। वास्तव में, गुरु शिक्षा ही नहीं देते, जीवन को दिशा भी देते हैं। गुरु स्वयं ज्ञान का आलोक हैं, जो शिष्य को अज्ञानरूपी तम से निकालकर सत्य, संस्कार और प्रकाश के पथ पर अग्रसर करते हैं। मेरा आप सबसे विशेष आग्रह है कि अपने गुरुजनों का सदैव स्मरण रखें।

उनके दिए आदर्शों को जीवन में उतारें। इससे आपका विकास सुनिश्चित होगा तथा विकसित प्रदेश का मार्ग भी तभी प्रशस्त होगा। अज्ञान के तिमिर को मिटाकर ज्ञान, संस्कार व सदाचार के दिव्य प्रकाश से जीवन को आलोकित करने वाले समस्त पूज्य गुरुजनों को गुरु पूर्णिमा की अनंत बधाई एवं शुभकामनाएं दी। योगी जी ने सनातन धर्म पर भी बात किया और कहा कि  सनातन संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वाेपरि है, उनकी अहैतुकी कृपा से ही शिष्य को धर्म, विवेक और राष्ट्र आराधना की सच्ची प्रेरणा प्राप्त होती है। मानवता का पथ-प्रदर्शन कर एक श्रेष्ठ व संस्कारवान समाज का निर्माण करने वाले सभी पूज्य गुरुजनों को कोटिशः नमन। 


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