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बेटे मयास के इंजीनियर बनने से गर्व का अनुभव हुआ - कुंबले

यह उनके शुरुआती जीवन की एक ऐसी स्पष्टता थी, जिस पर माता-पिता के रूप में हम अक्सर मुस्कुराते थे, यह सोचते हुए कि आने वाला समय क्या लेकर आएगा। बेंगलुरु । भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और कोच रहे अनिल कुंबले अपने बेटे के इंजीनियर बनने से बेहद खुश है। उनके बेटे मयास कुंबले ने बचपन में इंजीनियर बनने का जो सपना देखा था। उसके पूरा होने से परिवार में खुशी का माहौल है। इस अवसर पर कुंबले और उनकी पत्नी चेतना  सोशल मीडिया पर बेहद भावुक साझा किया है। इसमें इन दोनो ने अपने बेटे की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर अपनी खुशी और गर्व व्यक्त किया है। यह कहानी सिर्फ एक इंजीनियर बनने की नहीं, बल्कि एक बच्चे के बचपन के सपने को पूरा करने के लिए लगन और माता-पिता के समर्थन की है। कुंबल की पत्नी ने सोशल मीडिया में मयास के इंजीनियर बनने के कठिन सफर को बताया है। उन्होंने कहा कि मयास में बचपन से ही इंजीनियरिंग के प्रति जुनून था।  जब वह तीन साल का था। तभी से उनके मन में यह बात साफ थी कि वह बड़े होकर क्या बनना चाहता है। चेतना लिखती हैं, वह उसी दृढ़ता के साथ कहता, जो सिर्फ एक बच्चे में हो सकती है, मैं इंजीनियर बनूंगा। वे अपने छोटे हाथों में एक रिंच उठाकर पूरे आत्मविश्वास से घोषणा करते थे कि एक दिन वे एक नया स्कूटर बनाएंगे। सात साल की उम्र तक आते-आते उनके सपने और बड़े हो गए; वे कारें डिजाइन करना चाहते थे । यह उनके शुरुआती जीवन की एक ऐसी स्पष्टता थी, जिस पर माता-पिता के रूप में हम अक्सर मुस्कुराते थे, यह सोचते हुए कि आने वाला समय क्या लेकर आएगा।

चेतना ने साथ ही लिखा कि मयास को इंजीनियर के रूप में ग्रेजुएट होते देख उन्हें एक बेहद खूबसूरत बात का एहसास हुआ कि कभी-कभी बच्चे दुनिया के जानने से बहुत पहले ही यह जानते हैं कि वे वास्तव में कौन हैं। उन्होंने मयास की कड़ी मेहनत को रेखांकित करते हुए लिखा, साल बीतते गए, कड़ी मेहनत हुई, रातों की नींदें उड़ीं और आईं, लेकिन उस छोटे लड़के ने कभी अपने सपने को हाथ से जाने नहीं दिया। चेतना के दिल में गर्व, कृतज्ञता और भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा। उन्होंने कहा, तुम्हें हाथ में औजार लिए एक जिज्ञासु छोटे बच्चे से लेकर दिल में एक मकसद लिए एक इंजीनियर बनते देखना मेरे जीवन की सबसे बड़ी खुशियों में से एक रहा है। मुझे तुम पर बहुत गर्व है, मेरे बच्चे। तुमने सपना देखा, उस पर विश्वास किया और उसे सच कर दिखाया।

गौरतलब है कि दिग्गज स्पिनर कुंबले स्वयं एक मैकेनिकल इंजीनियर हैं। उनके लिए बेटे का इंजीनिकयर बनना गर्व का पल है। उन्होंने अपनी पत्नी के पोस्ट को दोबारा साझा करते हुए सोशल मीडिया में लिखा, मुझे तुम पर गर्व है, मेरे बेटे!! पिता के नक्शेकदम पर चल रहे हो३ बधाई हो। इसे अपना बना लो!! यह संदेश उनके बेटे की उपलब्धि पर उनकी खुशी और बेटे के भविष्य के लिए शुभकामनाओं को स्पष्ट रूप से दिखाता है। 

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