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वियतनाम, साइप्रेस के राष्ट्रपति भी नई दिल्ली पहुंच रहे
नई दिल्ली । ईरान-अमेरिका-इजरायल में तनाव के बीच कूटनीति के मोर्चे पर मई का महीना भारत के लिए अहम साबित होने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 यूरोपीय देशों के दौरे पर जाएंगे। इस दौरान इटली, वेटिकन, नॉर्वे, स्वीडन, नीदरलैंड जैसे देशों के साथ ट्रेड, रक्षा सहयोग, यूक्रेन और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर चर्चा होने की संभावना है। वहीं विदेश मंत्री एस जयशंकर ब्रिक्स और क्वाड की बैठकों में शामिल होने वाले है। दोनों अंतरराष्ट्रीय संगठनों की बैठक भारत में ही होने वाली है। इसके अलावा अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्काे रुबियो, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव भारत दौरे पर आ रहे है। इतना ही नहीं वियतनाम, साइप्रेस के राष्ट्रपति भी नई दिल्ली पहुंच रहे है।
बात दें कि प्रधानमंत्री मोदी 15 से 20 मई तक यूरोप के चार देशों के दौरे पर जाने वाले हैं। इस यात्रा के दौरान व्यापार, सुरक्षा सहयोग और यूक्रेन तथा पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्षों पर चर्चा होगी। पीएम मोदी के यूरोप की यात्रा के दौरान संयुक्त अरब अमीरात में भी कुछ देर रुकने की उम्मीद है। 15 मई को ओस्लो में होने वाला तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन, जिसमें भारत, डेनमार्क, आइसलैंड, नॉर्वे, स्वीडन और फिनलैंड के नेता एक साथ जुट रहे हैं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूरोप दौरे का मुख्य एजेंडा है। वहीं भारत में मई 2026 के मध्य से अंत तक नई दिल्ली में ब्रिक्स और क्वाड के विदेश मंत्रियों की अहम बैठकों की मेजबानी करने के लिए तैयार है, जिससे देश जटिल भू-राजनीति के केंद्र में आ जाएगा। ब्रिक्स की बैठक, जिसके 14-15 मई को होने की उम्मीद है, में ईरान और यूएई के बीच आमने-सामने की दुर्लभ बातचीत होगी।
सूत्रों के हवाले से बताया कि भारत मई में ब्रिक्स समूह के विदेश मंत्रियों के स्तर की बैठक की मेजबानी करेगा। यह बैठक पहला ऐसा मौका होगा जब ईरान और यूएई के अधिकारी 28 फरवरी, 2026 को अमेरिका-इज़रायल द्वारा ईरान पर हमले के साथ शुरू हुए संघर्ष के बाद आमने-सामने होंगे। राजनयिक सूत्रों और अधिकारियों ने पुष्टि की है कि भारत मई के आखिरी हफ़्ते में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक की मेज़बानी करने जा रहा है। यह पुष्टि अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के सोशल मीडिया पर यह कहने के कुछ दिनों बाद आई है कि विदेश मंत्री मार्काे रूबियो अगले महीने, यानी मई में भारत दौरे पर आ रहे है।
वहीं वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम 5 से 7 मई, 2026 तक भारत की तीन-दिवसीय राजकीय यात्रा पर आएंगे। उनकी यात्रा का मकसद दोनों देशों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी की 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर रक्षा, व्यापार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में संबंधों को और मजबूत करना है। इसके बाद साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स मई 2026 के अंत में भारत की यात्रा पर आने वाले हैं। माना जा रहा है कि वे 20 मई को मुंबई और 22 मई को नई दिल्ली पहुंचने वाले है। इस यात्रा का मकसद द्विपक्षीय संबंधों, आर्थिक सहयोग और ईयू-भारत साझेदारी को सुदृढ़ बनाना है।
जहां अमेरिकी विदेश मंत्री मार्काे रूबियो मई 2026 में भारत के दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरे का मकसद द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है, जिसमें व्यापार, रक्षा, महत्वपूर्ण खनिज और क्वाड गठबंधन पर खास जोर दिया जाएगा। वहीं रूसी विदेश मंत्रालय ने घोषणा की कि रूसी विदेश मंत्री लावरोव मई में नई दिल्ली में होने वाली ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए भारत आएंगे। बुधवार को मॉस्को में रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने कहा कि लावरोव विदेश मंत्री जयशंकर के साथ द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा करने वाले है।
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