Search

Shopping cart

Saved articles

You have not yet added any article to your bookmarks!

Browse articles
Advertisement

एसआईआर विवाद: सत्ता पक्ष का जोर जनता के भरोसे पर, विपक्ष सड़क पर

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एसआईआर के मुद्दे पर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। विपक्ष सड़कों पर उतरकर सरकार को घेर रहा है, वहीं सत्तारूढ़ खेमा विपक्ष से ज्यादा आम जनता के बीच भरोसे को लेकर चिंतित है। यही वजह है कि भाजपा और उसके सहयोगी दल दिल्ली की गहमागहमी से ज्यादा अपने जमीनी कार्यक्रमों और अभियानों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

सत्ता पक्ष सोशल मीडिया के संभावित नकारात्मक प्रभाव की काट के लिए सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को साध रहा है। संसद के मॉनसून सत्र से ही विपक्ष किसी न किसी मुद्दे पर सरकार पर हमलावर है। पहले छात्र आंदोलन और जेन-जी की तीखी प्रतिक्रिया को लेकर सरकार ने बड़े कदम उठाते हुए आंदोलनकारियों की मांगें मानकर उसे समाप्त किया था। सरकार का मानना है कि इससे विपक्ष के मंसूबे पूरे नहीं हो सके थे। अब विपक्ष ने एसआईआर पर सरकार को कटघरे में खड़ा कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा हुआ है। दिल्ली में बीते तीन दिनों से विपक्ष, खासकर कांग्रेस का नेतृत्व सड़कों पर है।

भाजपा और विपक्ष के बीच तीखे शब्दबाण चलाए जा रहे हैं। भाजपा ने भी अपने प्रवक्ताओं और प्रमुख नेताओं को मैदान में उतार दिया है, जो विपक्षी आरोपों का जवाब देने के साथ पलटवार भी कर रहे हैं। भाजपा के एक महासचिव ने कहा है कि विपक्ष को प्रदर्शन करने का हक है, पर जिस तरह वह संवैधानिक संस्थाओं पर हमले कर रहा है, वह लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उसे जनता का समर्थन नहीं मिलेगा और राजग की एकजुटता पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा। नेता चिराग पासवान ने भी कहा है कि अगर विपक्ष को अब भी कुछ शंकाएं हैं तो आयोग से सीधी बात करनी चाहिए।


Comments (0)

Leave a Comment