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नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव के नेतृत्व में एसआईआर समेत चुनाव प्रक्रिया की त्रुटियों पर मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार के तरफा निर्णयों पर दोनो चुनाव आयुक्तों के बार-बार आपत्ति जताने के बावजूद मतदाता सूची में घुसपैठ और वोट चोरी जैसी चुनावी धांधली करने के खिलाफ हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार की तत्काल गिरफ्तारी, पद से हटाने और उनके कार्यकाल में लिए गए सभी निर्णयों एवं मतदाता सूची में किए गए बदलावों की व्यापक और स्वतंत्र समीक्षा की मांग को लेकर हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए अशोका रोड़ स्थित मुख्य चुनाव आयोग का घेराव किया।
प्रदेश अध्यक्ष देवेन्द्र यादव के नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन से चुनाव आयोग और भाजपा विरोधी नारे लगाते हुए हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डीडीयू मार्ग से जब चुनाव आयोग की तरफ कूच किया तो पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे नही बढ़ने दिया और उन्हें हिरासत में लेकर आई.पी. एस्टेट पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया।
देवेन्द्र यादव ने हिरासत में बस में जाते हुए कहा कि हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और इस्तीफे की मांग कर रहे है। मैं मोदी सरकार को आगाह करना चाहता हूॅ, हम कांग्रेस की सेना, राहुल गांधी के सिपाही है, किसी से डरने वाले नही है, रुकने वाले नही है। पुलिस एक को गिरफ्तार करेगी, हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता उनके सामने खड़े मिलेंगे। उन्होंने कहा कि हमारा विरोध तब तक लगातार जारी रहेगा, जब तक श्री ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाकर गिरफ्तार नही किया जाता। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को कमजोर करने वालों को कांग्रेस बर्दाश्त नही करेगी। भाजपा के इशारे पर चुनाव आयोग वोटर लिस्ट में गलत तरीके से नाम काट रहा और जोड़ रहा है, एसआईआर प्रक्रिया में पारदर्शिता पूरी तरह खत्म कर दी है।
प्रदर्शनकारियों में प्रदेश अध्यक्ष देवेन्द्र यादव के साथ, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के दिल्ली प्रभारी काजी निजामुद्दीन, सचिव प्रभारी दानिश अबरार, पूर्व सांसद रमेश कुमार, उदित राज, अखिल भारतीय महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती अल्का लांबा, दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री हारून यूसुफ, मंगत राम सिंघल, डॉ. नरेंद्र नाथ, प्रदेश महासचिव संगठन एवं पूर्व विधायक अनिल भारद्वाज, पूर्व विधायक मुकेश शर्मा, भीष्म शर्मा, विपिन शर्मा, सुरेंद्र कुमार, आसिफ मोहम्मद खान, विजय लोचव, अब्दुल रहमान, निगम में सदन के पूर्व नेता जितेन्द्र कुमार कोचर, प्रदेश उपाध्यक्ष जगजीवन शर्मा, कमल कांत शर्मा, मुदित अग्रवाल, लक्ष्मण रावत, तस्वीर सोलंकी, अली मेंहदी, महासचिव राजिंदर तंवर, धर्मपाल चंदेला, मीर सिंह, सतेंद्र शर्मा, डॉ. पी.के. मिश्रा, प्रमोद जयंत, अशोक बसौया, भूपेश यादव, निगम पार्षद नाजिया दानिश, हाजी जरीफ, समीर अहमद मंसूरी और सुरेश पहलवान, रागिणी नायक, पूर्व महिला अध्यक्ष अमृता धवन, महिला प्रदेश अध्यक्ष पुष्पा सिंह, जिला अध्यक्ष सिद्धार्थ राव, राजकुमार जैन, महेन्द्र भास्कर, मोहम्मद उस्मान, विजेन्द्र चैधरी, महेन्द्र मंगला, मंगेश त्यागी, इन्द्रजीत, हर्ष चौधरी, अमनदीप सिंह सुदान, राजेश यादव, सुमित शर्मा, विरेन्द्र शर्मा, पूर्व मेयर वरयाम कौर, सेल चेयरमैन संजय नीरज, अब्दुल वाहिद कुरेशी, राजीव वर्मा, राहुल शर्मा, राहुल धानक सहित हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि वोट चोरी करके चुनाव जीतना पूरी तरह देशद्रोह है, जिसके लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार भाजपा की सरकार बनाने के लिए मतदान व्यवस्था को ही नष्ट कर दिया है। एसआईआर प्रक्रिया में करोड़ों लोगों के नाम काटकर चुनाव आयोग लोकतांत्रिक व्यस्था की हत्या कर दी। चुनाव आयोग भाजपा के हाथों की कठपुतली बनकर काम कर रहा है, जिसके कारण श्री अमित शाह देश में 30 वर्षों तक भाजपा की सरकार बरकरार रहने की बात कहते है और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 400 पार का नारा देते है। हमारे नेता श्री राहुल गांधी ने आश्चर्य जताते हुए कहा है कि क्या लोकतांत्रिक व्यवस्था में कोई नेता या राजनीतिक दल जीत की सुनिश्चितता का बयान दे सकता है?
देवेन्द्र यादव ने कहा कि निर्वाचन आयोग के भीतर अंतर्विरोध के चलते पिछले 10 महीनों में निर्वाचन आयुक्त श्री सुखबीर सिंह संधू और श्री विवेक जोशी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार द्वारा लिए गए एकतरफा निर्णयों पर 14 बार औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई जिनमें एसआईआर प्रक्रिया में अनधिकृत रुप से नए मतदाताओं को जोड़ना, नामों को हटाना तथा निर्वाचन आयोग की आईटी प्रणाली को दिल्ली में केन्द्रीकृत करना जैसे ज्ञानेश कुमार के फैसले पर दोनो चुनाव आयुक्तों न आपति दर्ज की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का खुलासा लोकसभा में विपक्ष नेता राहुल गांधी के रुख को स्पष्ट रुप से सही साबित किया है जिसे पहले राहुल जी ने वोट चोरी अभियान के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाई थी। उन्होंने कहा कि राहुल जी लगातार देश को आगाह कर रहे है कि चुनावी तंत्र का इस्तेमाल सत्तारुढ़ भाजपा को अनुचित लाभ पहुॅचाने के लिए किया जा रहा है।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग द्वारा एसआईआर कराने की बात कही थी लेकिन उसमें शुद्धता की इच्छा भी जताई थी, क्योंकि आयोग के सूत्रों के अनुसार नए वोटर बड़ी संख्या में जुड़ रहे है। मतदाता सूची में घुसपैठ दो तरह की है पहली जो नागरिकता के बगैर सूची में शामिल होकर लोकतंत्र को प्रभावित कर रहे है। दूसरा जिनका नाम कई स्थानों पर है या वह मौजूद नही है लेकिन उनके वोट का फायदा उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वोट चोरी और एसआईआर प्रक्रिया में गड़बड़ पर जब सुप्रीम कोर्ट चिंतित है, तो चुनाव आयोग के भाजपा के इशारे पर काम करने से एक मतदाता कैसे प्रभावित नही होगा।
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